भारत माता वाहिनी योजना से नशामुक्ति अभियान को मिली नई गति, 3154 समूह गांव-गांव पहुंचा रहे जागरूकता संदेश

प्रदेश में Bharat Mata Vahini Yojana Nashamukti Abhiyan के माध्यम से नशामुक्ति के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य केवल नशा छोड़ने की अपील करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना है, ताकि हर व्यक्ति स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन जी सके।

राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 8-सदस्यीय संरचना के साथ कुल 3154 भारत माता वाहिनी समूह गठित किए गए हैं। ये समूह गांव-गांव जाकर नशामुक्ति का संदेश पहुंचा रहे हैं और लोगों को जागरूक कर रहे हैं।


गांव-गांव में जागरूकता की अलख

Bharat Mata Vahini Yojana Nashamukti Abhiyan के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे रैली, प्रभात फेरी और जनजागरूकता अभियान आयोजित कर रहे हैं।

इसके अलावा नशा छोड़ने का संकल्प और शपथ कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों का असर साफ दिख रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक वातावरण बन रहा है और युवाओं में नशे के दुष्परिणामों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।

कई गांवों में सुबह की प्रभात फेरी में महिलाएं और युवा हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाते नजर आते हैं—“नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो।” यह दृश्य बताता है कि यह अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले रहा है।


26 नशामुक्ति केंद्रों में मिल रहा उपचार

राज्य के 25 जिलों में स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से 26 नशामुक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में अब तक 4379 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार और पुनर्वास सेवाएं दी जा चुकी हैं।

यहां चिकित्सकीय परामर्श, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही योग और अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है।

Bharat Mata Vahini Yojana Nashamukti Abhiyan के कारण अब कई परिवारों में फिर से खुशियां लौट रही हैं।


बलरामपुर बना प्रेरक उदाहरण

जिला बलरामपुर इस अभियान का एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है। यहां सक्रिय भारत माता वाहिनी समूह लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।

जिले में संचालित नशामुक्ति केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 478 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार और पुनर्वास का लाभ दिया गया है। उपचार के बाद ये लोग पुनः समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जुड़ सके हैं।

यह उपलब्धि दिखाती है कि यदि समाज और शासन मिलकर प्रयास करें, तो बदलाव संभव है।


जनभागीदारी से सशक्त हो रहा अभियान

उल्लेखनीय है कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने जनभागीदारी आधारित मॉडल अपनाया है।

Bharat Mata Vahini Yojana Nashamukti Abhiyan के जरिए प्रदेश को नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक समाज बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

यदि इसी तरह समाज की सहभागिता बनी रही, तो आने वाले समय में यह अभियान एक सशक्त सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगा।


नशामुक्ति केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। Bharat Mata Vahini Yojana Nashamukti Abhiyan ने यह साबित किया है कि सामुदायिक प्रयास और जागरूकता के माध्यम से सकारात्मक बदलाव संभव है।

प्रदेश अब एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रहा है, जहां युवा ऊर्जा सही दिशा में लगे और समाज स्वस्थ एवं सशक्त बने।

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