Raipur GATE Exam Cheating Case ने प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर पुलिस ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा के दौरान कथित नकल गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षा है, जिसमें लाखों छात्र भाग लेते हैं। ऐसे में इस तरह की साजिश ने शिक्षा जगत को भी चिंतित कर दिया है।
हाईटेक तरीके से की जा रही थी नकल
पुलिस के अनुसार, आरोपी परीक्षा के दौरान आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कर प्रश्न और उत्तर का आदान-प्रदान कर रहे थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आठ मोबाइल फोन, चार ब्लूटूथ डिवाइस और तीन ईयरपीस बरामद किए।
बताया जा रहा है कि परीक्षा केंद्र से प्रश्न बाहर भेजे जा रहे थे और बाहर बैठे सहयोगी तत्काल उत्तर भेज रहे थे। इसके बाद उम्मीदवारों को रियल टाइम में जवाब उपलब्ध कराया जा रहा था।
छह आरोपी गिरफ्तार
Raipur GATE Exam Cheating Case में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दर्शन सहवाग, सुमित सहवाग, लक्ष्मीनारायण उर्फ लकी, अमर, नरेंद्र कुमार और बंटी कुमार के रूप में हुई है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में संगठित तरीके से परीक्षा में गड़बड़ी की साजिश सामने आई है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।
परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल
Raipur GATE Exam Cheating Case ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हाईटेक गैजेट के माध्यम से नकल की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं।
हालांकि, पुलिस की तत्परता से इस गिरोह का पर्दाफाश हो गया। अधिकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
