3 साल की बच्ची की कब्र से छेड़छाड़, ताजा खुदी मिट्टी और कच्चा मांस मिलने से गांव में दहशत

Balod Chhattisgarh Occult Grave Case ने पूरे गांव को भय और आक्रोश में डाल दिया है। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के महुदबी गांव में तीन साल की बच्ची की कब्र के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है।

यह घटना न केवल एक परिवार के जख्मों को फिर से ताजा कर गई, बल्कि अंधविश्वास से जुड़े अपराधों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।


तीन महीने पहले हुई थी मासूम की मौत

महुदबी गांव निवासी जितेंद्र साहू की तीन वर्षीय बेटी पिया साहू की तीन महीने पहले बीमारी से मौत हो गई थी। परिवार ने गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित श्मशान भूमि में उसे दफनाया था।

परिवार अभी इस दुख से उबर भी नहीं पाया था कि रविवार सुबह एक किसान ने कब्र के पास संदिग्ध वस्तुएं देखीं।


ताजा खुदी मिट्टी और टोटके की सामग्री मिली

किसान ने देखा कि कब्र के पास एक जलता हुआ दीपक, चावल के दाने, कटा हुआ नींबू और कच्चे मांस का टुकड़ा पड़ा था।

जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि कब्र की मिट्टी ताजा खुदी हुई थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि किसी ने रात के अंधेरे में कथित तांत्रिक अनुष्ठान करने या शव निकालने का प्रयास किया।

Balod Chhattisgarh Occult Grave Case की यह तस्वीर गांव में दहशत और गुस्से का कारण बन गई।


पिता ने कहा – “यह अमानवीय है”

पिया के पिता जितेंद्र साहू ने भावुक होकर कहा,

“किसी ने मेरी बेटी की कब्र को रात में खोदने की कोशिश की। यह अमानवीय है।”

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कब्र की तत्काल खुदाई कर जांच की जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शव के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है।


पुलिस जांच शुरू, SDM की अनुमति के बाद खुदाई

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

छत्तीसगढ़ पुलिस के तहत हल्दी चौकी प्रभारी नंद कुमार साहू ने पुष्टि की है कि परिवार की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कर ली गई है।

उन्होंने बताया कि उपखंड दंडाधिकारी (SDM) की अनुमति मिलने के बाद कब्र की खुदाई की जाएगी और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।


अंधविश्वास से जुड़े अपराधों पर फिर सवाल

Balod Chhattisgarh Occult Grave Case ने राज्य में अंधविश्वास से जुड़े अपराधों की समस्या को एक बार फिर उजागर किया है।

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2005 से “टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम” लागू है। इसके बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं।

जनवरी 2020 से जून 2024 के बीच राज्य में अंधविश्वास से जुड़े 54 हत्याओं के मामले दर्ज हुए। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2021 के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ देश में टोनही से संबंधित मामलों में शीर्ष पर रहा था।


गांव में भय और आक्रोश का माहौल

इस घटना के बाद महुदबी गांव में दहशत का माहौल है। लोग अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Balod Chhattisgarh Occult Grave Case केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास के खिलाफ कड़ी चेतावनी है।

अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

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