ग्राम पंचायतों को मिले नामांतरण और बंटवारे के अधिकार, भुइयां पोर्टल से गांव में ही होगा ऑनलाइन निराकरण

दुर्ग जिले में राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। Durg revenue reform Bhuiyan portal पहल के तहत अब ग्राम पंचायतों को अविवादित नामांतरण और बंटवारे के अधिकार सौंप दिए गए हैं।

इस फैसले से ग्रामीणों को अब तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उनके जमीन से जुड़े काम गांव स्तर पर ही ऑनलाइन पूरे होंगे।


अब गांव में ही होगा नामांतरण और बंटवारा

अब तक नामांतरण और बंटवारे के मामलों के लिए ग्रामीणों को राजस्व विभाग और तहसील कार्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता था। इसमें समय और संसाधनों दोनों की बर्बादी होती थी।

लेकिन Durg revenue reform Bhuiyan portal व्यवस्था लागू होने के बाद पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी।

ग्राम पंचायतों को अलग-अलग आईडी और पासवर्ड दिए गए हैं। आवेदन प्राप्त करने से लेकर रिकॉर्ड अपडेट करने तक का काम पंचायत स्तर पर ही ऑनलाइन संपन्न होगा।


लोक सेवा केंद्र से दर्ज होगा आवेदन

ग्रामीण अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन दर्ज करा सकेंगे। खासतौर पर फौती नामांतरण (मृत्यु उपरांत नामांतरण) और अविवादित बंटवारे के मामले ऑनलाइन निपटाए जाएंगे।

आवेदन दर्ज होते ही संबंधित पंचायत सचिव के पोर्टल पर प्रकरण दिखाई देगा। इससे कार्रवाई में तेजी आएगी और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

यही नहीं, डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे भविष्य में विवाद की संभावना कम होगी।


ईश्तहार और नोटिस प्रक्रिया अनिवार्य

फौती नामांतरण के मामलों में पंचायत सचिव को ईश्तहार जारी करना अनिवार्य होगा। यह सूचना पंचायत भवन में चस्पा की जाएगी।

संबंधित पक्षकारों को विधिवत सूचना देने के बाद 23 दिनों की प्रतीक्षा अवधि रखी जाएगी। यदि इस दौरान कोई आपत्ति आती है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। अन्यथा नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।

यह नियम निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।


प्रशिक्षण के जरिए तकनीकी सशक्तिकरण

नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी ग्राम पंचायतों को प्रशिक्षण दिया गया है।

साईंस कॉलेज के सर्वपल्ली राधाकृष्णन हॉल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पटवारियों और पंचायत सचिवों को भुइयां पोर्टल के संचालन, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और रिकॉर्ड अपडेट करने की विस्तृत जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि पंचायतों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना इस पहल की सफलता की कुंजी है।


20 फरवरी तक लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सभी ग्राम पंचायतों को 20 फरवरी तक अविवादित लंबित प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रस्ताव और पंचनामा तैयार करते समय सभी पक्षकारों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो।

पंचायत सचिवों, पटवारियों और राजस्व अमले को समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया है।


पारदर्शी और त्वरित राजस्व व्यवस्था की ओर कदम

संयुक्त कलेक्टर सिल्ली थॉमस, जिला पंचायत सीईओ बजरंग दुबे और तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता सहित अन्य अधिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

प्रशासन का मानना है कि Durg revenue reform Bhuiyan portal पहल से राजस्व मामलों के निपटारे में गति आएगी और ग्रामीणों को सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध होंगी।

यह कदम न केवल समय बचाएगा, बल्कि राजस्व व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी भी बनाएगा।


निष्कर्ष

दुर्ग जिले की यह पहल ग्रामीण प्रशासन को डिजिटल और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Durg revenue reform Bhuiyan portal के माध्यम से अब जमीन से जुड़े कार्य गांव में ही तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरे होंगे।

इस बदलाव से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

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