रायपुर, 14 फरवरी 2026।
महाशिवरात्रि से ठीक एक दिन पूर्व जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिरीमकेला में श्रद्धा और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला। Neelkantheshwar Mahadev Mandir Pran Pratishtha Jashpur के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं उपस्थित हुए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की।
मुख्यमंत्री ने इस आध्यात्मिक आयोजन को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया।
महाशिवरात्रि से पूर्व आस्था का महोत्सव
Neelkantheshwar Mahadev Mandir Pran Pratishtha Jashpur कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और घंटियों की गूंज ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कल हम सभी महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाएंगे। इस शुभ अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि सिरीमकेला में भक्तों और परिवारजनों के बीच आकर उन्हें आत्मिक शांति और आनंद की अनुभूति हो रही है।
सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा
Neelkantheshwar Mahadev Mandir Pran Pratishtha Jashpur समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राम सिरीमकेला में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए मजबूत आधार मिलेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केवल धार्मिक स्थलों का विकास ही नहीं, बल्कि ग्रामीण आधारभूत संरचना को भी सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अयोध्या धाम दर्शन योजना और तीर्थ दर्शन का उल्लेख
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार सनातन परंपरा को पुनर्स्थापित करने के लिए अयोध्या धाम दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना चला रही है। अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को श्रीरामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में श्री रामलला का भव्य मंदिर तैयार हुआ है। यह हर राम भक्त की अटूट आस्था का परिणाम है।
राजिम कुंभ और धार्मिक विरासत पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम त्रिवेणी संगम में इन दिनों राजिम कुंभ कल्प का भव्य आयोजन हो रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि महाशिवरात्रि पर भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन अवश्य करें।
उन्होंने आगे कहा कि ऐतिहासिक बस्तर दशहरा और प्रदेश के पाँच शक्ति पीठों के विकास के लिए भी राज्य सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
Neelkantheshwar Mahadev Mandir Pran Pratishtha Jashpur कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और प्रकृति संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तो हमारी संस्कृति भी सुरक्षित रहेगी।
प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने कामना की कि नीलकंठेश्वर महादेव की कृपा प्रदेशवासियों पर बनी रहे। छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक वैभव के साथ निरंतर विकास पथ पर आगे बढ़े — यही उनकी हार्दिक इच्छा है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा वातावरण भक्ति, विश्वास और सांस्कृतिक गौरव से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
