Pithampur News: youth death का मामला धार जिले के औद्योगिक नगर पीथमपुर से सामने आया है, जहां 33 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
मामला तब भावनात्मक मोड़ ले बैठा, जब मृतक के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, शहर के एक युवा ने आगे बढ़कर मानवता की मिसाल पेश की।
संदिग्ध हालात में हुई मौत
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान गोलू पिता सुरेश राजोरिया (33) निवासी पंढरपुर रेहली के रूप में हुई है। वह पीथमपुर के मीणा मोहल्ले में किराए से रहकर एक डिटर्जेंट कंपनी में कार्यरत था।
मंगलवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे 108 एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पीथमपुर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सेक्टर-1 थाना के उप निरीक्षक Jagdish Meena ने बताया कि परिजनों को सूचना दी गई, लेकिन उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार शव को लावारिस घोषित कर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की।
मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
बजरंगी चंद्रवंशी ने निभाई जिम्मेदारी
जब शहर के युवा Bajrangi Chandravanshi को लावारिस शव के अंतिम संस्कार की जानकारी मिली, तो वे तुरंत सेक्टर-1 थाने पहुंचे।
उन्होंने मृतक गोलू के अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी अपने खर्च पर उठाई और विधि-विधान से दाह संस्कार कराया।
उप निरीक्षक जगदीश मीणा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज को सकारात्मक संदेश देते हैं।
मानवता का संदेश
Pithampur News youth death की यह घटना केवल एक संदिग्ध मौत का मामला नहीं रही, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की मिसाल भी बन गई।
बजरंगी चंद्रवंशी ने कहा कि समाज के प्रति कर्तव्य का भाव उनके भीतर हमेशा से है और भविष्य में भी वे ऐसे जरूरतमंद मामलों में आगे आते रहेंगे।
पीथमपुर में हुई इस घटना ने जहां एक ओर एक युवक की असामयिक मृत्यु का दुख दिया, वहीं दूसरी ओर एक युवा की पहल ने मानवता में विश्वास भी मजबूत किया।
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों पर स्पष्टता आएगी, लेकिन बजरंगी चंद्रवंशी की पहल लंबे समय तक लोगों को प्रेरित करती रहेगी।
