दुर्ग।
शहर में बेहतर और शांतिमय वातावरण निर्माण के साथ-साथ प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल सामने आई है। समाजसेवी संगठन हंसराज नवयुवक मंडल के जयवर्धन गजभिए ने दुर्ग में Minority Awareness Program in Durg आयोजित करने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर पहल की है।
उन्होंने दुर्ग भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष श्री अरविंदर सिंह खुराना के संरक्षण में छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष माननीय श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा से सप्रेम भेंट कर दुर्ग शहर में अल्पसंख्यकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निवेदन किया।
अल्पसंख्यकों के लिए जागरूकता अभियान की जरूरत
भेंट के दौरान जयवर्धन गजभिए ने कहा कि समाज में सकारात्मक संवाद और जागरूकता से ही आपसी सद्भाव मजबूत होता है। यदि Minority Awareness Program in Durg जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित हों, तो इससे अल्पसंख्यक समाज को शासन की योजनाओं की जानकारी मिलेगी और वे मुख्यधारा से अधिक प्रभावी रूप से जुड़ सकेंगे।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दुर्ग शहर में विभिन्न समुदायों की प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और मार्गदर्शन की आवश्यकता है।
आयोग अध्यक्ष का सहयोग का आश्वासन
राज्य अल्पसंख्यक आयोग छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हर संभव सहयोग देने का आश्वासन प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समाज के उत्थान और जागरूकता के लिए आयोग निरंतर कार्य कर रहा है। यदि दुर्ग में Minority Awareness Program in Durg आयोजित किया जाता है, तो आयोग सकारात्मक भूमिका निभाएगा।
शांतिमय वातावरण और सामाजिक समरसता पर जोर
इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता को मजबूत करना भी है। स्थानीय स्तर पर ऐसे प्रयास समाज में विश्वास और संवाद को बढ़ावा देते हैं।
दुर्ग भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष श्री अरविंदर सिंह खुराना की सक्रिय भूमिका ने इस पहल को नई दिशा दी है। सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक संस्थाओं के सहयोग से शहर में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
स्पष्ट है कि Minority Awareness Program in Durg की यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जागरूकता, सहभागिता और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने का प्रयास है।
यदि यह पहल साकार होती है, तो दुर्ग में अल्पसंख्यक समाज के बीच संवाद और विकास की नई राह खुलेगी। सामाजिक संगठनों और आयोग के संयुक्त प्रयास से शहर में बेहतर और संतुलित वातावरण के निर्माण की उम्मीद बढ़ गई है।
