रायपुर।
Chhattisgarh constable arrested: छत्तीसगढ़ पुलिस एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। राजधानी रायपुर में एक सक्रिय पुलिस कॉन्स्टेबल हिमांशु बुरमान को हिरोइन तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तब सामने आया जब पुलिस को ख़ास खुफिया जानकारी मिली कि हिमांशु बुरमान अवैध नशा ले जा रहे हैं और उसे बेचने की योजना बना रहे हैं।
Chhattisgarh police constable arrested heroin के तहत तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया और उसके कब्जे से प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया।
पुलिस अधिकारियों की पुष्टि
पश्चिम रायपुर के उप पुलिस आयुक्त संदीप पटेल ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा,
“हमें सूचना मिली कि कॉन्स्टेबल हिमांशु बुरमान अवैध हिरोइन लेकर चल रहे थे और उसे बेचने का इरादा था। उन्हें पकड़ लिया गया है और हिरोइन बरामद की गई है। आरोपी रिमांड पर है और पूछताछ जारी है।”
डीसीपी पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग किसी को भी संरक्षण नहीं देगा।
“जो भी इस मामले में शामिल पाया जाएगा, चाहे वह कोई भी हो, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरी सप्लाई चेन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।”
पिछले विवादों की याद ताजा
इस गिरफ्तारी ने पुलिस विभाग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले साल अक्टूबर 2025 में रायपुर क्राइम ब्रांच के छह कर्मियों पर व्यवसायी की कार से 2 लाख रुपये चोरी करने का आरोप लगा था।
इसके बाद एक कॉन्स्टेबल निलंबित किया गया। हाल ही में महिला डीएसपी कल्पना वर्मा को गोपनीय जानकारी लीक करने और एक व्यवसायी को धोखा देने के आरोप में निलंबित किया गया था।
इन घटनाओं के चलते विभाग में आंतरिक अनुशासन और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस की सख्त प्रतिक्रिया
एसीपी अमित तुकाराम कांबले ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपराध के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति अपनाती है।
“जो भी अपराध करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। यह एक सख्त संदेश है।”
जांच का दायरा
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या कॉन्स्टेबल हिमांशु बुरमान अकेले कार्य कर रहे थे या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे।
Chhattisgarh police constable arrested heroin मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि न केवल आम लोगों बल्कि पुलिस विभाग के भीतर भी निगरानी और पारदर्शिता की आवश्यकता अत्यधिक है।
