India-US Interim Trade Agreement से कृषि क्षेत्र को राहत, छोटे किसानों के हित सुरक्षित: डॉ. अरुण रस्ते

नई दिल्ली।
भारत और अमेरिका के बीच हुए India US Interim Trade Agreement agriculture sector समझौते का कृषि क्षेत्र ने स्वागत किया है। इस समझौते को किसानों और निर्यातकों के लिए संतुलित और लाभकारी बताया जा रहा है।

आकाशवाणी न्यूज से विशेष बातचीत में नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (NCDEX) के प्रबंध निदेशक डॉ. अरुण रस्ते ने कहा कि इस समझौते में गेहूं, चावल, डेयरी और पोल्ट्री जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों को शामिल नहीं किया गया है। इससे छोटे किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे।


छोटे किसानों की सुरक्षा प्राथमिकता

डॉ. रस्ते ने स्पष्ट किया कि India US Interim Trade Agreement agriculture sector के तहत संवेदनशील कृषि वस्तुओं को बाहर रखना एक रणनीतिक निर्णय है।

भारत में लाखों छोटे और सीमांत किसान गेहूं, चावल, डेयरी और पोल्ट्री पर निर्भर हैं। यदि इन क्षेत्रों को सीधे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उतारा जाता, तो उनके सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती थीं।

इसलिए सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित रुख अपनाया है।


18 प्रतिशत ड्यूटी से निर्यातकों को लाभ

इस समझौते का एक बड़ा लाभ 18 प्रतिशत ड्यूटी से जुड़ा है, जो कुल निर्यात पर लागू होगी।

डॉ. रस्ते के अनुसार, India US Interim Trade Agreement agriculture sector के प्रावधानों का संयुक्त प्रभाव भारतीय निर्यातकों, छोटे उद्योगों और किसानों के लिए सकारात्मक साबित होगा।

इससे भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और निर्यात में वृद्धि की संभावना बनेगी।


कृषि और उद्योग दोनों को संतुलित फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इसके प्रभाव छोटे उद्योगों और प्रोसेसिंग सेक्टर तक भी पहुंचेंगे।

जब निर्यात बढ़ेगा, तो किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा। साथ ही, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

इस तरह India US Interim Trade Agreement agriculture sector समझौता दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग का आधार बन सकता है।


किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह समझौता?

भारत जैसे कृषि प्रधान देश में व्यापार समझौते का सीधा असर गांवों तक पहुंचता है।

यदि बाजार सुरक्षित रहता है और निर्यात के अवसर बढ़ते हैं, तो किसान उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित होते हैं।

इसी दृष्टि से देखा जाए तो India US Interim Trade Agreement agriculture sector समझौता संतुलन और संरक्षण दोनों का उदाहरण है।


कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता कृषि क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। छोटे किसानों के हितों की रक्षा करते हुए निर्यातकों के लिए नए अवसर खोलना इस समझौते की सबसे बड़ी विशेषता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस समझौते का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो यह भारतीय कृषि और उद्योग दोनों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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