राजनांदगांव में महिला स्व-सहायता समूहों को ग्रामीण बाजार की सौगात, पाताल भैरवी मंदिर के पास खुली ग्राम दुकान

रायपुर, 12 फरवरी 2026।
राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने NABARD Gram Dukaan Initiative के तहत स्वयं सहायता समूहों को ग्रामीण बाजार स्थापित करने के लिए अनुदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उनके हस्तनिर्मित उत्पादों के विपणन के लिए स्थायी मंच देना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

दरअसल, यह योजना केवल बाजार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास को भी नई पहचान दे रही है।


राजनांदगांव में पाताल भैरवी मंदिर के पास खुली ग्राम दुकान

NABARD Gram Dukaan Initiative के अंतर्गत राजनांदगांव स्थित पाताल भैरवी मंदिर के समीप एक ग्राम दुकान स्थापित की गई है। यह स्थान श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण व्यापार के लिए अनुकूल माना जा रहा है।

ग्राम दुकान की संचालिका श्रीमती निशा मंडावी बताती हैं कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से उत्पादों को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इससे महिला समूहों की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।


स्थानीय उत्पादों को मिला नया बाजार

इस ग्राम दुकान में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा स्थानीय स्तर पर निर्मित अनेक उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जैसे—

  • पूजा सामग्री
  • अचार, पापड़, मुरकू, नड्डा, बिजौरी
  • मुरब्बा, मसाले, विविध खाद्य सामग्री
  • मोमबत्ती, अगरबत्ती, साबुन
  • जिमीकंद, मशरूम, फूल
  • कपड़े, डेकोरेशन आइटम्स
  • दोना-पत्तल एवं अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं

महिलाएं अपने उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग कर रही हैं। परिणामस्वरूप, NABARD Gram Dukaan Initiative के माध्यम से उन्हें नियमित आय का स्रोत प्राप्त हुआ है।


नि:शुल्क दुकान से मिला स्थायी मंच

ग्राम दुकान योजना के अंतर्गत नाबार्ड ने समूह की महिलाओं को नि:शुल्क दुकान उपलब्ध कराई है। इससे उन्हें अपने उत्पादों की बिक्री के लिए सुलभ और स्थायी मंच मिल गया है।

पहले जहां महिलाओं को बाजार तक पहुंचने में कठिनाई होती थी, वहीं अब NABARD Gram Dukaan Initiative ने उनकी राह आसान कर दी है। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ी है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।


ग्रामीण उद्यमिता को मिल रहा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि NABARD Gram Dukaan Initiative महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित कर रही है।

यदि इस मॉडल को अन्य जिलों में भी विस्तार दिया जाता है, तो हजारों महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिल सकता है।


निष्कर्ष

स्पष्ट है कि NABARD Gram Dukaan Initiative ग्रामीण महिलाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। राजनांदगांव की ग्राम दुकान इसका सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है। यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण को गति दे रही है, बल्कि स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ बना रही है।

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