मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में Ken Betwa Link Project Protest ने अचानक उग्र रूप ले लिया। केन-बेतवा लिंक परियोजना के कारण विस्थापन का दंश झेल रहे ग्रामीण मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात एसडीएम कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों ने देर रात पथराव शुरू कर दिया, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया। हालांकि, बाद में हालात पूरी तरह नियंत्रण में आ गए।
क्यों भड़का Ken Betwa Link Project Protest?
दरअसल, केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत बांध निर्माण कार्य जारी है। इसी परियोजना के कारण कई गांवों के लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।
दोधन गांव समेत आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीण अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन से लगातार संपर्क में थे। लेकिन जब उन्हें समाधान में देरी महसूस हुई, तो आक्रोश खुलकर सामने आ गया।
ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास, मुआवजा और अन्य सुविधाओं से जुड़ी मांगें अब तक पूरी तरह संतोषजनक ढंग से पूरी नहीं हुई हैं। इसी वजह से Ken Betwa Link Project Protest ने उग्र रूप ले लिया।
प्रशासन का क्या कहना है?
बिजावर के एसडीएम राकेश शुक्ला ने बताया कि बांध निर्माणाधीन है और कुछ लोग लगातार हंगामा कर रहे थे। उन्होंने कहा:
“सुबह से अब तक हमने उन्हें कई बार समझाया है कि जमानत और अन्य प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार होती हैं। कुछ लोगों द्वारा पत्थर उठाकर हमले का प्रयास करने की जानकारी मिली है। वीडियो फुटेज की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने कैसे संभाली स्थिति?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आदित्य पटले के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की मांगें पहले भी सरकार के समक्ष रखी जा चुकी हैं।
हालांकि, कुछ लोग आक्रामक हो गए, जिससे हालात बिगड़े। पुलिस ने बातचीत के जरिए लोगों को समझाया और आवश्यक होने पर बल प्रयोग किया। स्थिति बेकाबू होने पर वाटर कैनन का उपयोग भी किया गया।
अब Ken Betwa Link Project Protest के बाद क्षेत्र में पुलिस गश्त जारी है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।
सरकार का आश्वासन
प्रशासन का कहना है कि विस्थापित लोगों के साथ व्यापक चर्चा पहले से चल रही है। सरकार कानूनी दायरे में आने वाली सभी मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अधिकारियों के मुताबिक, पुनर्वास और मुआवजे से जुड़ी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार आगे बढ़ रही हैं। ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया है कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
Ken Betwa Link Project Protest का व्यापक प्रभाव
केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की प्रमुख नदी जोड़ो योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य सिंचाई और पेयजल उपलब्धता बढ़ाना है।
हालांकि, विकास परियोजनाओं के साथ विस्थापन की पीड़ा भी जुड़ी होती है। यही कारण है कि Ken Betwa Link Project Protest जैसे घटनाक्रम प्रशासन और सरकार के लिए चुनौती बन जाते हैं।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों का समाधान किस गति से करता है और क्षेत्र में स्थायी शांति कैसे सुनिश्चित की जाती है।
