बनबसा (छत्तीसगढ़)।
Havildar Harish Chand death: छुट्टी पर घर आए भारतीय सेना के जवान हवलदार हरीश चंद का अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने से निधन हो गया। इस दुखद घटना ने बनबसा क्षेत्र सहित पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
🕊️ तड़के बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय हवलदार हरीश चंद, बनबसा के सीमावर्ती गांव गरिगोठ (जिला चंपावत) के निवासी थे। वे वर्तमान में 12 कुमाऊं रेजिमेंट में पिथौरागढ़ में तैनात थे।
हरीश चंद 25 दिन की छुट्टी पर अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने घर आए थे। सोमवार 9 फरवरी की सुबह करीब 3 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि उन्होंने दम तोड़ दिया।
🇮🇳 सेना में 2010 से सेवा, परिवार में सबसे छोटे थे
हवलदार हरीश चंद ने वर्ष 2010 में भारतीय सेना जॉइन की थी। वे अपने भाइयों में सबसे छोटे थे।
उनके बड़े भाई भी सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में सिकंदराबाद में तैनात हैं, जो सूचना मिलते ही घर के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, एक अन्य भाई ओमान में कार्य करता है।
👨👩👦 पीछे छोड़ गए पत्नी और दो वर्षीय पुत्र
हवलदार हरीश चंद अपने पीछे
- पत्नी आशा चंद
- और दो वर्षीय पुत्र कृष
को छोड़ गए हैं। परिवार में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।
🫡 पूर्व सैनिकों ने जताया शोक
गौरव सेनानी पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष, सेवानिवृत्त कैप्टन भानी चंद सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने हवलदार हरीश चंद के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
⚔️ पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
हवलदार हरीश चंद का अंतिम संस्कार मंगलवार, 10 फरवरी को बनबसा के शारदा घाट में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन और सेना की ओर से अंतिम सलामी दी जाएगी।
घर में खुशियों के बीच आई यह दुखद खबर पूरे गांव को स्तब्ध कर गई। देश की सेवा में वर्षों बिताने वाला जवान, छुट्टी पर अपनों के बीच अचानक विदा हो गया। हवलदार हरीश चंद की यह कुर्बानी और सेवा हमेशा याद रखी जाएगी।
