राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जागरूकता की पहल
नवा रायपुर स्थित हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU) में 28 जनवरी 2026 को एक प्रभावशाली Road Safety Awareness Session का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह (1 से 31 जनवरी) के अंतर्गत सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की पहल का हिस्सा था।
इस जागरूकता सत्र का आयोजन लीगल एड एंड सोशल सर्विसेज कमेटी एवं प्रो बोनो क्लब, HNLU के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जबकि तकनीकी सहयोग इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च, छत्तीसगढ़ (IDTR-CG) द्वारा प्रदान किया गया।
अनुभव से सीख: सड़क हादसों के असली कारण
सत्र का संचालन IDTR छत्तीसगढ़ के प्रशिक्षक श्री संजय मनहरे एवं श्री तोमेश कुमार साहू ने किया। उन्होंने इंटरएक्टिव संवाद, तथ्य आधारित आंकड़ों और ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों को सड़क हादसों के प्रमुख कारणों से अवगत कराया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि तेज़ रफ्तार, नशे में वाहन चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग, रेड लाइट जंप करना, तथा हेलमेट व सीट बेल्ट न पहनना सड़क दुर्घटनाओं के सबसे बड़े कारण हैं।
इसी क्रम में यह भी समझाया गया कि छोटी-सी लापरवाही कैसे किसी की ज़िंदगी बदल सकती है।
कानून के छात्रों की सामाजिक जिम्मेदारी
इस अवसर पर डॉ. कौमुधि चल्ला, फैकल्टी को-ऑर्डिनेटर, लीगल एड एंड सोशल सर्विसेज कमेटी ने कहा कि—
“सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का विषय है। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए धैर्य, जागरूकता और कानून के प्रति सम्मान आवश्यक है।”
उन्होंने छात्रों को याद दिलाया कि भविष्य के कानूनी पेशेवर होने के नाते, उन्हें स्वयं भी यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और समाज के लिए उदाहरण बनना चाहिए।
गोल्डन ऑवर और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका
सत्र के दौरान गोल्डन ऑवर सिद्धांत पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षकों ने समझाया कि दुर्घटना के बाद पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है और इस दौरान सही मदद से कई जानें बचाई जा सकती हैं।
छात्रों को यह भी सिखाया गया कि दुर्घटना पीड़ितों की मदद कैसे जिम्मेदारी से की जाए, ताकि उन्हें कानूनी या चिकित्सीय नुकसान न पहुंचे।
डेमो वीडियो से दिखा सुरक्षा उपकरणों का महत्व
कार्यक्रम में दिखाए गए डेमो वीडियो ने छात्रों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया।
इन वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट किस तरह गंभीर चोटों को रोकने में मदद करते हैं और जीवन रक्षक साबित होते हैं।
साथ ही, अलग-अलग सड़क श्रेणियों और उनसे जुड़े गति सीमा नियमों, एम्बर लाइट तथा स्टॉप लाइन अनुशासन की भी विस्तार से जानकारी दी गई।
सक्रिय सहभागिता से सफल हुआ सत्र
प्रश्न-उत्तर सत्र में डॉ. (श्रीमती) एरिट्रिया रॉय एवं श्रीमती अपूर्वा शर्मा ने सक्रिय सहयोग किया।
वहीं छात्र संयोजक सुश्री प्रगति ध्रुव (लीगल एड कमेटी) और श्री अक्षीत द्विवेदी (प्रो बोनो क्लब) ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संदेश साफ है—सुरक्षा से ही भविष्य सुरक्षित
यह Road Safety Awareness Session केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के लिए एक चेतावनी और सीख दोनों था।
कार्यक्रम का उद्देश्य साफ था—नियमों का पालन करें, जिम्मेदार नागरिक बनें और दूसरों की जान बचाने में भागीदार बनें।
