गरियाबंद | 09 फरवरी 2026
Rajim Kumbh Mela मेला में इस बार आस्था के साथ-साथ विकास की झलक भी लोगों को खूब आकर्षित कर रही है। जल संसाधन विभाग, गरियाबंद द्वारा लगाए गए स्टॉल दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। खास तौर पर पैरी नदी के उद्गम स्थल और प्रस्तावित राजिम बैराज का कार्यशील मॉडल देखते ही बन रहा है।
दिनभर स्टॉल पर दर्शनार्थियों और मेलार्थियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग—हर कोई इस मॉडल के जरिए जल प्रबंधन और सिंचाई योजनाओं को समझने में रुचि दिखा रहा है।
पैरी नदी की यात्रा को दिखाता जीवंत मॉडल
जल संसाधन विभाग के स्टॉल में पैरी नदी के उद्गम स्थल भाटीगढ़ को आकर्षक मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। यहां यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि भाटीगढ़ से निकलने वाली पैरी नदी कैसे सिकासेर बांध तक पहुंचती है, फिर कुकदा डेम से होकर बहते हुए अंततः राजिम पहुंचती है।
स्टॉल पर मौजूद टाइमकीपर सिद्धार्थ कुमार देवांगन ने जानकारी देते हुए बताया कि पैरी नदी का जल गरियाबंद, छुरा और राजिम क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल और अन्य घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में अहम भूमिका निभाता है।
95 करोड़ की लागत से प्रस्तावित है राजिम बैराज
स्टॉल में प्रस्तावित राजिम बैराज का कार्यशील मॉडल भी दर्शाया गया है, जिसकी अनुमानित लागत 95 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार इस बैराज की कुल लंबाई लगभग 500 मीटर और ऊंचाई करीब 5 मीटर प्रस्तावित है।
राजिम बैराज के निर्माण से राजिम और नवापारा क्षेत्र में जल संकट दूर होगा और सालभर जलभराव बना रहेगा। इसके अलावा, इससे नौकाविहार, वाटर स्पोर्ट्स और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों की भी झलक
जल संसाधन विभाग द्वारा प्रस्तुत इस मॉडल में केवल बैराज ही नहीं, बल्कि राजीव लोचन मंदिर, लक्ष्मण झूला, गंगा आरती घाट, राजिम मेला स्थल, पैरी नदी, कालेश्वर नाथ मंदिर, नवागांव एनीकट और लोमश ऋषि आश्रम को भी दर्शाया गया है।
इसके साथ ही पैरी नदी सिंचाई परियोजना, सिकासेर जलाशय और पैरी-घुमर व्यपवर्तन परियोजना सहित गरियाबंद जिले की विभिन्न सिंचाई योजनाओं के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए हैं।
जानकारी का केंद्र बना कुंभ कल्प मेला
राजिम कुंभ कल्प मेला में जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉल लोगों के लिए जानकारी के प्रभावी केंद्र बन गए हैं। हितग्राही एक ही स्थान पर सरकारी योजनाओं, जल संसाधन और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
आस्था और विकास का यह संगम राजिम कुंभ कल्प मेला को इस वर्ष और भी खास बना रहा है।
