मलकानगिरी।
Kawasi Lakhma News: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत छत्तीसगढ़ में प्रवेश से प्रतिबंधित कोंटा विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने अब ओडिशा के सीमावर्ती जिले मलकानगिरी को अपना अस्थायी ठिकाना बना लिया है।
शनिवार को मलकानगिरी पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी मौजूदगी से स्थानीय कांग्रेस खेमे में खासा उत्साह देखा गया।
सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत, लेकिन छत्तीसगढ़ में प्रवेश पर रोक
गौरतलब है कि 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कवासी लखमा को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में अंतरिम जमानत दी थी।
हालांकि, अदालत ने स्पष्ट शर्त लगाई कि वे अदालती कार्यवाही को छोड़कर छत्तीसगढ़ में प्रवेश नहीं करेंगे।
इन्हीं प्रतिबंधों के चलते लखमा ने छत्तीसगढ़ से सटे मलकानगिरी (ओडिशा) को अपने ठहराव के लिए चुना।
कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक, क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, मलकानगिरी पहुंचने के बाद कवासी लखमा ने
- जिला कांग्रेस अध्यक्ष
- और अन्य वरिष्ठ पार्टी नेताओं
के साथ बैठक की।
बैठक के दौरान संगठनात्मक स्थिति और सीमावर्ती इलाकों के सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
“सुप्रीम कोर्ट की सभी शर्तों का करूंगा पालन” – कवासी लखमा
इस अवसर पर कवासी लखमा ने कहा कि वे
“सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पूरी निष्ठा से पालन करेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि मलकानगिरी में अपने प्रवास के दौरान वे
- क्षेत्र की समस्याओं को समझने
- और आम लोगों से जुड़े रहने
का प्रयास करेंगे।
मलकानगिरी कांग्रेस में दिखा उत्साह
कवासी लखमा के आगमन से मलकानगिरी कांग्रेस इकाई में नई ऊर्जा देखने को मिली।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि
“एक वरिष्ठ आदिवासी नेता की मौजूदगी से संगठन को मजबूती मिलेगी।”
ED और राज्य पुलिस के मामलों में गिरफ्तारी
उल्लेखनीय है कि कवासी लखमा को
- प्रवर्तन निदेशालय (ED)
- और छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस
द्वारा दर्ज कथित शराब घोटाले के दो मामलों में आरोपी बनाया गया था।
उन्हें 2 अप्रैल 2025 को छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था।
