ग्रामीण विकास को गति देने की ठोस पहल
Advanced Janpad Panchayat Training Program: ग्रामीण विकास को नई दिशा देने और उन्नत जनपद पंचायतों के निर्माण के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण विकास संस्थान, ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा राष्ट्रीय स्तर का छह दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
पांच राज्यों के 26 अधिकारियों ने लिया भाग
यह Advanced Janpad Panchayat Training Program
27 जनवरी से 1 फरवरी तक आयोजित किया गया, जिसमें—
- राजस्थान
- ओडिशा
- गुजरात
- मध्यप्रदेश
- छत्तीसगढ़
से आए कुल 26 बीडीओ और सीईओ अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नेतृत्व के माध्यम से समृद्ध विकासखंडों का निर्माण करते हुए ग्रामीण विकास योजनाओं में पूर्ण संतृप्ति सुनिश्चित करना रहा।
प्रशिक्षण का औपचारिक शुभारंभ
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संयुक्त संचालक श्री सी. सोम मिश्र द्वारा किया गया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मजबूत जनपद पंचायतें ही समावेशी और सतत ग्रामीण विकास की नींव होती हैं।
सिद्धांत और व्यवहार का संतुलित प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निम्न प्रमुख विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया—
- ग्रामीण विकास कार्यक्रमों का संस्थागत ढांचा
- नेतृत्व विकास एवं सहभागितामूलक योजना निर्माण
- पंचायत राज अधिनियम एवं पेसा अधिनियम
- सतत विकास लक्ष्य (SDGs)
- ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP)
- विकासखंड विकास योजना (BDP)
- जिला विकास योजना (DDP)
- राजस्व प्रबंधन, आजीविका एवं वित्तीय समावेशन
इस प्रशिक्षण ने अधिकारियों को मैदानी चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम नेतृत्व प्रदान किया।
अभनपुर में क्षेत्रीय अध्ययन भ्रमण
प्रशिक्षण के अंतर्गत जनपद पंचायत अभनपुर (जिला रायपुर) में एक दिवसीय क्षेत्रीय अध्ययन भ्रमण आयोजित किया गया।
इस दौरान प्रतिभागियों ने—
- स्थानीय जनप्रतिनिधियों और हितग्राहियों से संवाद किया
- विकासखंड विकास योजना के जमीनी क्रियान्वयन को समझा
- अनुसूचित क्षेत्रों, आदिवासी संस्कृति और पेसा कानून के वास्तविक प्रभावों का प्रत्यक्ष अध्ययन किया
- स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का भ्रमण किया
यह अनुभव प्रतिभागियों के लिए व्यावहारिक सीख का सशक्त माध्यम बना।
समूह प्रस्तुतियों के साथ समापन
पांचवें दिन प्रतिभागियों ने अपने अनुभवों के आधार पर—
- विकासखंड विकास योजना पर आधारित राज्यवार समूह प्रस्तुतियाँ दीं
- नवाचार और समाधान-उन्मुख सुझाव साझा किए
इसके पश्चात टीएमपी पोर्टल पर फीडबैक प्रस्तुत कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया गया।
सतत ग्रामीण विकास की ओर मजबूत कदम
कार्यक्रम के सफल संचालन में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के संकाय सदस्यों, विषय विशेषज्ञों और सहयोगी अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समावेशी, परिणामोन्मुखी और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
