राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 7 फरवरी को करेंगी ‘बस्तर पंडुम 2026’ का शुभारंभ, जनजातीय संस्कृति का महाकुंभ जगदलपुर में

Bastar Pandum 2026 Tribal Festival: आदिवासी संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली का महाकुंभ ‘बस्तर पंडुम 2026’ इस बार और भी भव्य स्वरूप में आयोजित होने जा रहा है।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 7 फरवरी 2026 को जगदलपुर में इस ऐतिहासिक आयोजन का शुभारंभ करेंगी। यह संभाग स्तरीय उत्सव 9 फरवरी तक चलेगा।

यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की पहचान, गौरव और विरासत को सहेजने और प्रदर्शित करने का सशक्त मंच है।


राज्य स्तरीय समारोह जगदलपुर में

छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय एवं लोक संस्कृति महोत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ का शुभारंभ समारोह
7 फरवरी को सुबह 11 बजे जगदलपुर में होगा।

इस समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका करेंगे।


मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री होंगे शामिल

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में—

  • मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
  • केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू
  • उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा
  • पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल
  • वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप

विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।


12 विधाओं में दिखेगी बस्तर की आत्मा

Bastar Pandum 2026 Tribal Festival के दौरान बस्तर अंचल की जनजातीय संस्कृति को 12 विधाओं में प्रस्तुत किया जाएगा।
युवा कलाकारों के माध्यम से—

  • जनजातीय नृत्य और गीत
  • पारंपरिक नाट्य
  • वाद्ययंत्र
  • वेशभूषा और आभूषण
  • पूजा पद्धतियां
  • बस्तर शिल्प और जनजातीय चित्रकला

का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा।


खानपान, औषधि और लोकज्ञान का संगम

इसके साथ ही—

  • पारंपरिक जनजातीय पेय पदार्थ
  • बस्तर के पारंपरिक व्यंजन
  • आंचलिक साहित्य
  • वन औषधियों की जानकारी

के माध्यम से लोगों को जनजातीय जीवन दर्शन से रूबरू कराया जाएगा।


राष्ट्रीय पहचान की ओर बस्तर

बस्तर पंडुम केवल उत्सव नहीं, बल्कि बस्तर अंचल को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का माध्यम है।
यह आयोजन जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय कलाकारों को भी नई दिशा देगा।


जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की होगी सहभागिता

कार्यक्रम में सांसद श्री भोजराज नाग, श्री महेश कश्यप, विधायकगण, महापौर श्री संजय पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे।


संस्कृति से जुड़ता भविष्य

बस्तर पंडुम 2026 यह संदेश देता है कि विकास और परंपरा साथ-साथ चल सकते हैं
यह उत्सव आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी जड़ों को जानने और संजोने का अवसर है।

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