रामलीला मंचन में हादसा या साजिश? राम बने कलाकार की तीर से रावण की आंख गई, SC/ST एक्ट में FIR

सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)।

Ramleela arrow injury case: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से रामलीला मंचन से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक रामलीला प्रदर्शन के दौरान तीर लगने से रावण की भूमिका निभा रहे दलित कलाकार की आंख की रोशनी चली गई। मामले में करीब तीन महीने बाद पुलिस ने BNS और SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

यह घटना 13 नवंबर 2025 की रात करीब 12:20 बजे, शाहगंज थाना क्षेत्र के खैरा गांव में आयोजित रामलीला के दौरान हुई थी।


राम बने कलाकार का तीर बना जानलेवा

राम की भूमिका निभा रहे अभिनेता नैतिक पांडेय द्वारा चलाया गया तीर सीधे रावण बने कलाकार सुनील कुमार की दाहिनी आंख में जा लगा। तीर लगते ही सुनील कुमार की आंख से तेज़ रक्तस्राव शुरू हो गया और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

गंभीर हालत को देखते हुए बाद में उन्हें वाराणसी के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अब तक उनकी आंख की रोशनी वापस नहीं आ सकी है।


तीन महीने बाद दर्ज हुई FIR

इस मामले में सुनील कुमार के भाई शिवमलाल कुमार की शिकायत पर 29 जनवरी को FIR दर्ज की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नैतिक पांडेय ने जलन और दुर्भावना से जानबूझकर तीर चलाया

पुलिस ने मामले में

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 351 और 352
  • तथा SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

FIR में रामलीला आयोजक रामस्नेही सिंह को भी सह-आरोपी बनाया गया है।


“निर्देश के बावजूद नुकीला तीर लाया गया” – पीड़ित

पीड़ित सुनील कुमार ने बताया कि वह पिछले 8 वर्षों से रावण की भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“निर्देश स्पष्ट थे कि तीर सिर्फ सिर पर लगे मुकुट पर चलाना है। लेकिन नैतिक पांडेय ने आयोजन समिति द्वारा दिया गया लकड़ी का तीर इस्तेमाल नहीं किया। वह अपने साथ नुकीला और सख्त लकड़ी से बना तीर लाया।”

सुनील कुमार का आरोप है कि जहां सिर्फ एक तीर चलाना था, वहां नैतिक ने करीब पांच फीट की दूरी से कई तीर चला दिए, जिनमें से एक उनकी आंख में जा लगा।


नौकरी गई, इलाज में खत्म हो गई जमा पूंजी

सुनील कुमार नगर निगम में संविदा कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे। आंख की गंभीर चोट के बाद

  • उनकी दो सर्जरी हो चुकी हैं
  • लेकिन दृष्टि बहाल नहीं हो सकी
  • इलाज में उनकी ज्यादातर जमा पूंजी खर्च हो गई
  • और वह नौकरी भी गंवा बैठे

तीन महीने के बच्चे के पिता सुनील कुमार अब पूरी तरह अपने भाइयों पर निर्भर हैं।


जातिसूचक गालियों और जान से मारने की धमकी का आरोप

शिवमलाल कुमार ने आरोप लगाया कि जब वह 14 नवंबर को इलाज का खर्च मांगने आरोपियों के पास गए, तो उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।


शिकायत में देरी पर क्या बोले पीड़ित

मामले में FIR दर्ज होने में देरी को लेकर सुनील कुमार ने कहा कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन इलाज के चलते नियमित रूप से फॉलोअप नहीं कर पाए
हाल ही में उनके भाई द्वारा दोबारा प्रयास करने पर पुलिस ने केस दर्ज किया।


पुलिस जांच में जुटी

पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। बयान, मेडिकल रिपोर्ट और मंचन से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *