बैकुंठपुर के जंगल में अचानक हुआ भालुओं का हमला
Bear attack: छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर जिले के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बंजारीडांड के समीप स्थित जंगल में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मवेशी चराने गए एक ग्रामीण पर तीन भालुओं ने हमला कर दिया। यह घटना क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती समस्या को उजागर करती है।
मवेशी चराते समय भालुओं से हुआ आमना-सामना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 52 वर्षीय गंभीर सिंह रोज़ की तरह शाम के समय अपने मवेशियों को चराने जंगल गए थे। इसी दौरान जंगल के भीतर अचानक तीन भालुओं ने उन पर हमला कर दिया। हमला इतना तेज़ था कि गंभीर सिंह को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हमले में हाथ बुरी तरह टूटा, ग्रामीणों ने बचाई जान
भालुओं ने गंभीर सिंह के हाथ पर गहरा वार किया, जिससे उनका हाथ बुरी तरह टूट गया। वे दर्द से चीखने लगे।
हालांकि, उनकी चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके बाद सामूहिक प्रयास से ग्रामीणों ने शोर मचाकर और हिम्मत दिखाते हुए भालुओं को जंगल की गहराई में खदेड़ा। इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
जिला अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने गंभीर सिंह को जिला अस्पताल बैकुंठपुर पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।
चिकित्सकों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें निगरानी में रखा गया है।
वन क्षेत्र में बढ़ता खतरा, ग्रामीणों में चिंता
इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि जंगल से सटे गांवों में भालुओं की आवाजाही बढ़ रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जंगल क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए और लोगों को सुरक्षित रहने के लिए जागरूक किया जाए।
Bear attack in Baikunthpur Chhattisgarh: चेतावनी और सतर्कता जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि Bear attack in Baikunthpur Chhattisgarh जैसी घटनाओं से बचने के लिए ग्रामीणों को अकेले जंगल जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, वन विभाग और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
