Maihar School Construction Scam: शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
Maihar School Construction Scam ने मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग को झकझोर कर रख दिया है। मैहर जिले के रामनगर विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक और हाईस्कूलों में लघु निर्माण कार्य, सायकल स्टैंड और पार्किंग शेड के नाम पर हुए 3.72 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में अब कार्रवाई तेज हो गई है।
मंगलवार को संयुक्त संचालक द्वारा तीन प्राचार्यों को निलंबित कर दिया गया, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इसी मामले में एक भृत्य को भी सस्पेंड कर दिया है।
जांच के लिए बनी दो नई समितियां
फर्जीवाड़े की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने—
- एक ऑडिट कमेटी
- और एक तकनीकी जांच समिति
का गठन किया है। ये दोनों समितियां अलग-अलग एंगल से पूरे मामले की जांच करेंगी, ताकि Maihar School Construction Scam की पूरी परतें सामने आ सकें।
चपरासी बना ठेकेदार और प्राचार्यों के बीच कड़ी
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ठेकेदारों और प्राचार्यों के बीच मुख्य मध्यस्थ एक चपरासी ही था।
कलेक्टर मैहर के आदेश पर गठित जांच समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर पांच प्राचार्यों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव जेडी रीवा को भेजा गया था।
किन प्राचार्यों पर गिरी गाज?
संयुक्त संचालक (JD) रीवा द्वारा—
- मनकहरी हाईस्कूल के प्राचार्य राजेश कुमार साकेत
- छिरहाई हाईस्कूल के प्राचार्य रामाधार वर्मा
- मझटोलवा उमावि के प्राचार्य कामता प्रसाद तिवारी
को निलंबित कर दिया गया है।
जबकि—
- सागौनी और बड़वार के प्राचार्यों का निलंबन फिलहाल होल्ड पर रखा गया है।
किसने कितना भुगतान किया?
Maihar School Construction Scam में सामने आए भुगतान विवरण इस प्रकार हैं—
- मझटोलवा उमावि:
👉 ₹23,89,845 (श्री महाकाल ट्रेडर्स) - छिरहाई हाईस्कूल:
👉 ₹24,94,674 (श्री महाकाल ट्रेडर्स) - मनकहरी हाईस्कूल:
👉 ₹24,79,383 (वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर एवं मटेरियल सप्लायर)
ये भुगतान कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर किए गए।
कहां-कहां पेंडिंग है कार्रवाई?
- कमिश्नर रीवा: 7 प्राचार्यों के प्रस्ताव
- सीईओ, जिला पंचायत: 1 प्राचार्य
- जेडी रीवा: 2 प्राचार्य
इससे साफ है कि Maihar School Construction Scam में आगे और भी कार्रवाई हो सकती है।
भृत्य की भूमिका पर बड़ा खुलासा
जांच में सामने आया कि—
- सांदीपनी शासकीय उमावि रामनगर में पदस्थ भृत्य विनोद कुमार पटेल
- विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में
- देयक तैयार करने और कोषालय में प्रस्तुत करने का कार्य कर रहे थे
जांच समिति के अनुसार, भृत्य ने प्राचार्यों से कूटरचित देयकों और स्वीकृति आदेशों पर हस्ताक्षर कराए और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर भुगतान कराया।
नियमों के उल्लंघन पर तत्काल निलंबन
प्रशासन ने इस कृत्य को—
- म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन
मानते हुए - म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966
के तहत विनोद कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले—
- सुलखमा हाईस्कूल के प्राचार्य रामलाल साकेत
- और बीईओ रामनगर
को भी निलंबित किया जा चुका है। तीसरे निलंबन के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है।
आगे क्या?
अब दो समितियां—
- वित्तीय
- और तकनीकी
दोनों पहलुओं से जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि Maihar School Construction Scam में आने वाले दिनों में और नाम सामने आ सकते हैं।
