बेंगलुरु से कर्नाटक तट तक वंदे भारत एक्सप्रेस की मांग, सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी ने रेल मंत्री से की मुलाकात

नई दिल्ली।
VB Express Bengaluru Karnataka Coast: कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों को तेज, आधुनिक और विश्वस्तरीय रेल सेवा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उडुपी-चिक्कमगलूरु सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी ने मंगलवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बेंगलुरु से कर्नाटक तट के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने की जोरदार मांग रखी।

सांसद ने कहा कि बेंगलुरु और तटीय कर्नाटक के बीच प्रतिदिन 600 से अधिक बसें चलती हैं, जिनसे हजारों यात्री सफर करते हैं। इसके अलावा, बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से भी यात्रा करते हैं। ऐसे में तेज और सुरक्षित रेल सेवा समय की बड़ी जरूरत बन चुकी है।


🚆 बेंगलुरु–मंगलुरु–उडुपी–कारवार रूट पर वंदे भारत की जरूरत

कोटा श्रीनिवास पुजारी ने रेल मंत्री को बताया कि सकलेशपुर–सुब्रह्मण्य रोड घाट खंड पर रेलवे विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। इसके साथ ही हसन–मंगलुरु रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजनों से ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

उन्होंने कहा कि अब बेंगलुरु से मंगलुरु, उडुपी होते हुए कारवार तक वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने में कोई तकनीकी बाधा नहीं रह गई है। यह ट्रेन न केवल यात्रा समय घटाएगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और शिक्षा को भी नई गति देगी।


🛤️ कोंकण रेलवे के दोहरीकरण की भी उठी मांग

बैठक के दौरान सांसद ने कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड (KRCL) की क्षमता बढ़ाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के रोहा से कर्नाटक के थोकुर तक 734 किलोमीटर लंबे कोंकण रेलवे नेटवर्क का दोहरीकरण अब बेहद जरूरी हो गया है।

सांसद ने आग्रह किया कि रेलवे मंत्रालय इस परियोजना के लिए—

  • तुरंत सर्वे कार्य शुरू करे
  • आवश्यक बजट आवंटित करे
  • और चरणबद्ध तरीके से लाइन डबलिंग को आगे बढ़ाए

🌊 तटीय कर्नाटक वर्षों से बेहतर रेल सुविधाओं से वंचित

कोटा श्रीनिवास पुजारी ने कहा कि तटीय कर्नाटक के लोग लंबे समय से गुणवत्तापूर्ण रेल सेवाओं से वंचित रहे हैं। कोंकण रेलवे की एकल लाइन क्षेत्र के विकास में बड़ी बाधा बनी हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि तटीय क्षेत्र के लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार से रेल सेवाओं में बड़े सुधार की उम्मीद है, और वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेन इस दिशा में भरोसे का प्रतीक बन सकती है।


🌟 विकास की पटरी पर दौड़ने की तैयारी

यदि बेंगलुरु–तटीय कर्नाटक वंदे भारत एक्सप्रेस और कोंकण रेलवे दोहरीकरण को मंजूरी मिलती है, तो इससे—

  • यात्रा समय में भारी कमी आएगी
  • पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा
  • और तटीय क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से और मजबूत रूप से जुड़ेगा

यह पहल न सिर्फ एक नई ट्रेन, बल्कि पूरे पश्चिमी तट के विकास की रफ्तार तय करने वाली साबित हो सकती है।

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