नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट संसद में पेश कर दिया है, जिसका नाम “युवा शक्ति-आधारित बजट” (Union Budget 2026-27) रखा गया है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों का सशक्तिकरण करना है, ताकि देश का हर नागरिक विकास के समान अवसरों से जुड़ सके।
📌 बजट का दृष्टिकोण और प्रेरणा
वित्त मंत्री नीरमला सीतारमण ने बताया कि यह पहला बजट है जिसे कार्तव्य भवन में तैयार किया गया है और इसे तीन मुख्य “कर्तव्य” से प्रेरित कहा गया हैः
- आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाना
- लोक की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण
- सभी का साथ-सभी का विकास की भावना को आगे बढ़ाना
इन तीन कर्तव्यों के माध्यम से सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास को सब तक पहुचाना सबसे बड़ा लक्ष्य है।
💡 टैक्स सुधार और नियमों में बदलाव
बजट में नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 को अप्रैल 2026 से लागू करने का प्रस्ताव है। इसी के साथ इनकम टैक्स नियम और फॉर्म को सरल बनाने की घोषणा भी की गई है जिससे करदाता के लिए प्रक्रिया आसान होगी।
सरकारी योजनाओं तथा अनुपालनों के पुनर्गठन के तहत कई नए नियम और छूटें भी प्रस्तावित की गई हैं, जिनमें छोटे और मध्यम उद्यमियों को टैक्स राहत देना शामिल है।
🧪 प्रमुख आर्थिक प्रावधान
बजट के प्रमुख आर्थिक निर्णयों में शामिल हैंः
🔹 सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाना और आधारभूत ढांचा मज़बूत करना
🔹 वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी दरों में कमी
🔹 बायोफार्मा एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों के लिये ₹10,000 करोड़ निवेश
🔹 MSME वृद्धि कोष से छोटे उद्योगों को एक नया उभरता मंच देना
🔹 विदेशी सेवा प्रदाताओं को कर छुट प्रदान करना
ये पहलें देश में रोज़गार, निवेश और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिये सार्थक साबित होंगी।
🚄 विकास को गति
बजट में प्रस्तावित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरीडोर, पर्यावरण-सुरक्षित परिवहन योजनाएँ और क्षेत्रीय शिक्षा एवं स्वास्थ्य नेटवर्क का विस्तार जैसे कदम देश के दीर्घकालिक विकास लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
