Budget 2026 से पहले सोना-चांदी में भूचाल, दामों में भारी गिरावट; आगे क्या होगा भावों का रुख?

Budget 2026 के ऐलान से पहले देशभर के निवेशकों और आम ग्राहकों की नजरें सोने-चांदी की कीमतों पर टिकी हुई हैं। बीते कुछ दिनों में दोनों कीमती धातुओं में जिस तरह की गिरावट देखने को मिली है, उसने बाजार में हलचल मचा दी है।

शादी-विवाह की तैयारी कर रहे लोगों से लेकर बड़े निवेशक तक, हर कोई यही सवाल पूछ रहा है—क्या बजट के बाद सोना-चांदी और सस्ते होंगे या फिर उछाल आएगा?


आज के सोना-चांदी के ताजा रेट (1 फरवरी 2026, दिल्ली)

बजट से ठीक पहले जारी रेट्स के मुताबिक, बाजार में तेज उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है।

सोना (Gold Price Today)

  • 24 कैरेट सोना: ₹1,62,240 प्रति 10 ग्राम

चांदी (Silver Price Today)

  • चांदी: ₹2,78,000 प्रति किलो

क्यों टूटे सोना-चांदी के दाम?

पिछले कुछ दिनों में Gold Silver Price Fall Before Budget 2026 की बड़ी वजहें सामने आई हैं।

  • प्रॉफिट बुकिंग में तेज़ी
  • अमेरिकी डॉलर में मजबूती
  • वैश्विक एक्सचेंजों में मार्जिन बढ़ाया जाना

आंकड़ों के अनुसार,

  • 30 जनवरी को सोना ₹1,80,000 के पार से फिसलकर ₹1,55,000 के करीब आ गया।
  • चांदी में भी ₹50,000 प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार ने बढ़ाई चिंता

अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भी सोने-चांदी में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली।
COMEX के मुताबिक—

  • सोना 8.25% गिरकर 4,879.60 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ
  • चांदी 25.5% गिरकर 85.25 डॉलर प्रति औंस पर सेटल हुई

यह गिरावट 1980 के दशक की शुरुआत के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।


ट्रंप प्रशासन की खबर से बदला माहौल

जानकारों के मुताबिक, गिरावट की शुरुआत तब हुई जब एक रिपोर्ट सामने आई कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन केविन वॉर्श को US Federal Reserve के चेयरमैन पद के लिए नामित करने की तैयारी कर रहा है।
बाद में इस खबर की पुष्टि होने पर डॉलर मजबूत हुआ, जिसका सीधा असर सोने-चांदी पर पड़ा।


बजट के बाद क्या बढ़ेंगे या गिरेंगे दाम?

विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में कस्टम ड्यूटी को लेकर की गई कोई भी घोषणा सोने-चांदी की कीमतों को सीधे प्रभावित करेगी।

  • अगर आयात शुल्क घटता है, तो दाम और फिसल सकते हैं
  • अगर ड्यूटी बढ़ती या स्थिर रहती है, तो भाव में तेजी संभव है

हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच लॉन्ग टर्म में ट्रेंड अब भी बुलिश माना जा रहा है।


निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या संकेत?

फिलहाल बाजार हाई वोलैटिलिटी ज़ोन में है। ऐसे में बजट के तुरंत बाद भी कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक जल्दबाज़ी के बजाय बजट घोषणाओं के बाद ही कोई बड़ा फैसला लें।

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