भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बड़ी प्रगति, पीयूष गोयल बोले – अब कोई ‘स्टिकी इश्यू’ नहीं, जल्द हो सकता है सौदा

India US Trade Deal | वैश्विक व्यापार में भारत की बदली रणनीति

भारत और अमेरिका के बीच चल रही India US Trade Deal वार्ता अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते में अब कोई भी “स्टिकी इश्यू” शेष नहीं है और जल्द ही इस पर समापन की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं।

एक साक्षात्कार में मंत्री गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत की व्यापार नीति में अब एक निर्णायक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि एक विकसित भारत के लिए विकसित देशों के साथ सक्रिय व्यापारिक जुड़ाव विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है। “आप अलग-थलग रहकर विकसित नहीं बन सकते,” उन्होंने दो टूक कहा।


संरक्षणवाद से आत्मविश्वास की ओर भारत

पीयूष गोयल ने बताया कि पहले भारत व्यापार वार्ताओं में मौजूदा अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखकर फैसले करता था, लेकिन अब दृष्टिकोण बदल चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब 2047 की 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखकर समझौते कर रहा है।

उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आज भारत दुनिया के बड़े आर्थिक समूहों के साथ बराबरी के स्तर पर या कई मामलों में अधिक मजबूत स्थिति से बातचीत कर पा रहा है। यही आत्मविश्वास भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भी दिखाई दे रहा है।


यूरोप और अमेरिका से मजबूत होते रिश्ते

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के सफल समापन के बाद अमेरिका के साथ India US Trade Deal को लेकर भी सकारात्मक माहौल बना है। मंत्री गोयल के अनुसार, अमेरिका के साथ बातचीत सक्रिय रूप से चल रही है और अब किसी बड़े विवादास्पद मुद्दे के कारण बातचीत अटकी हुई नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत कभी भी किसी समझौते को कृत्रिम समयसीमा में नहीं बांधता। जब दोनों पक्ष संतुष्ट होंगे, तभी अंतिम तिथि घोषित की जाएगी। हालांकि, मौजूदा संकेत बताते हैं कि समझौता अब जल्द संभव है।


निर्यात, निवेश और रोजगार को मिलेगा बल

मंत्री गोयल ने कहा कि अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित बाजारों के साथ व्यापार समझौतों से—

  • भारतीय निर्यात को नई गति मिलेगी
  • विनिर्माण और सेवा क्षेत्र मजबूत होंगे
  • विदेशी निवेश (FDI) बढ़ेगा
  • रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे

उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्यात-आधारित विकास के बिना कोई भी देश विकसित नहीं बन पाया है, और भारत भी इसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।


भविष्य की दिशा: नवाचार और वैश्विक साझेदारी

आगे की रणनीति पर बात करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार का फोकस मैन्युफैक्चरिंग, सेवाओं, नवाचार, स्टार्टअप्स, R&D और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर रहेगा। इसके साथ ही, समान सोच वाले विकसित देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां और गहरी की जाएंगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि India US Trade Deal भारत को वैश्विक व्यापार में और अधिक मजबूत भूमिका निभाने में मदद करेगा।

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