मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया लोगो और शुभंकर ‘गजरु’ का अनावरण, 3.5 लाख खिलाड़ियों का उत्साह चरम पर

Sarguja Olympic 2026 Logo: रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सरगुजा ओलंपिक 2026 के प्रतीक चिन्ह (लोगो) और शुभंकर “गजरु” का भव्य अनावरण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरगुजा अंचल के नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर सरगुजा की खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का सशक्त अवसर मिलेगा।

12 खेल विधाओं में 3.5 लाख खिलाड़ियों का पंजीयन

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरगुजा ओलंपिक में 12 खेल विधाओं के लिए लगभग 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है।
उन्होंने कहा कि यह संख्या सरगुजा अंचल के युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और खेल के प्रति समर्पण को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार बस्तर ओलंपिक को जनभागीदारी के कारण राष्ट्रीय पहचान मिली, उसी तरह Sarguja Olympic 2026 भी नई ऊंचाइयों को छुएगा।
पंजीयन के आंकड़े यह साबित करते हैं कि सरगुजा पूरे जोश और उमंग के साथ इस आयोजन के लिए तैयार है।

विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी विशेष पहचान

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए प्रतिभा निखारने का बड़ा मंच बनेगा।
उन्होंने बताया कि विजेता खिलाड़ियों को राज्य की खेल प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा और उन्हें यूथ आइकॉन के रूप में घोषित किया जाएगा, जिससे युवा और बच्चे खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।

लोगो में झलकी सरगुजा की प्रकृति और संस्कृति

सरगुजा ओलंपिक 2026 का लोगो इस अंचल की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और खेल भावना का जीवंत प्रतीक है।
लोगो के केंद्र में मैनपाट स्थित टाइगर पॉइंट जलप्रपात को दर्शाया गया है, जो ऊर्जा, निरंतरता और जीवन के प्रवाह का प्रतीक है।

इसके चारों ओर दर्शाए गए 12 खेलों के प्रतीक चिन्ह समान अवसर और समावेशिता का संदेश देते हैं।
लाल रंग का प्रयोग पहाड़ी कोरवा जनजाति की परंपराओं से जुड़ा है, जहां इसे शक्ति, साहस और जीवन ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

शुभंकर ‘गजरु’ में समाहित है खेल भावना

सरगुजा ओलंपिक 2026 का शुभंकर ‘गजरु’ इस अंचल की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।
आदिवासी समाज में हाथी को बल, धैर्य, बुद्धिमत्ता और एकता का प्रतीक माना जाता है।
गजरु की झुंड में चलने की प्रवृत्ति टीम वर्क और सामूहिक सहभागिता का संदेश देती है, जो खेल भावना का मूल आधार है।

ब्लॉक से संभाग स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएं

सरगुजा ओलंपिक के लिए 28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक पंजीयन किया गया, जिसमें 06 जिलों से लगभग 3.5 लाख प्रतिभागी जुड़े।
इनमें 1.59 लाख पुरुष और 1.89 लाख महिलाएं शामिल हैं।

कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, रस्साकसी सहित 12 खेल विधाओं में विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

इस समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, सचिव खेल यशवंत कुमार, संचालक खेल श्रीमती तनुजा सलाम सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *