Shubhanshu Shukla Ashoka Chakra
नई दिल्ली। भारत के अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय लिखने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बने थे, जिससे उन्होंने न सिर्फ अंतरिक्ष विज्ञान बल्कि भारतीय वायुसेना का भी गौरव बढ़ाया।
🚀 ISS तक पहुंचने वाले पहले भारतीय
जून 2025 में Axiom-4 मिशन के तहत ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष की उड़ान भरी।
इसके साथ ही वे
👉 ISS पर जाने वाले पहले भारतीय
👉 और अंतरिक्ष में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय बने।
उनकी यह ऐतिहासिक उड़ान 41 साल बाद हुई, जब 1984 में राकेश शर्मा ने सोयुज यान से अंतरिक्ष यात्रा की थी।
✈️ IAF के जांबाज़ पायलट की शानदार उड़ानें
भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट शुभांशु शुक्ला के पास
✔️ 2000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव
✔️ Sukhoi-30MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier और An-32 जैसे विमानों को उड़ाने का रिकॉर्ड है।
उनका सैन्य अनुशासन और तकनीकी दक्षता ही उन्हें अंतरिक्ष मिशन तक ले गई।
🇮🇳 गगनयान और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की नींव
Shubhanshu Shukla Ashoka Chakra सम्मान सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारत के भविष्य के अंतरिक्ष सपनों की नींव भी है।
उन्होंने कहा था,
“यह मिशन भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। गगनयान, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और चंद्र मिशन की दिशा में हम सही रास्ते पर हैं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि Axiom मिशन से मिले अनुभव को गगनयान मिशन में लागू किया जाएगा।
🏅 70 सैनिकों को वीरता पुरस्कार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस वर्ष
👉 70 सशस्त्र बल कर्मियों को वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दी है।
इनमें शामिल हैं:
- 1 अशोक चक्र
- 3 कीर्ति चक्र
- 13 शौर्य चक्र
- 44 सेना मेडल (गैलेंट्री)
कीर्ति चक्र पाने वालों में मेजर अरशदीप सिंह, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा और ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर शामिल हैं।
🌟 क्यों खास है Shubhanshu Shukla Ashoka Chakra
विशेषज्ञ मानते हैं कि Shubhanshu Shukla Ashoka Chakra
✔️ युवाओं को विज्ञान और रक्षा क्षेत्र में प्रेरित करेगा
✔️ भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता को वैश्विक पहचान देगा
✔️ सेना और अंतरिक्ष विज्ञान के तालमेल का प्रतीक बनेगा
