Sheikh Hasina India Speech Controversy: भारत की राजधानी नई दिल्ली में निर्वासित जीवन बिता रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सार्वजनिक भाषण ने दक्षिण एशियाई कूटनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इस घटनाक्रम पर “हैरानी और गहरा आघात” जताते हुए इसे देश की जनता और सरकार दोनों के लिए अपमानजनक करार दिया है।
🔥 भारत में भाषण, बांग्लादेश में तीखी प्रतिक्रिया
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा कि भारत में रहते हुए शेख हसीना को सार्वजनिक मंच से संबोधन की अनुमति देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्रालय के अनुसार,
“एक भगोड़े और सामूहिक हत्याओं के दोषी व्यक्ति को खुले तौर पर नफरत भरा भाषण देने देना बांग्लादेश के लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।”
यह बयान उस ऑडियो संबोधन के बाद आया, जो शुक्रवार को नई दिल्ली के फॉरेन करेस्पॉन्डेंट्स क्लब में सुनाया गया और जिसे ऑनलाइन भी प्रसारित किया गया। इस कार्यक्रम को एक लाख से अधिक लोगों ने देखा।
👤 निर्वासन में शेख हसीना का पहला संबोधन
78 वर्षीय शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में निर्वासन में रह रही हैं। छात्र-आंदोलन के बाद उनकी 15 साल लंबी सत्ता का अंत हुआ था। इस दौर में उनकी सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन, विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी, हमले और लक्षित हत्याओं जैसे गंभीर आरोप लगे थे।
नवंबर 2024 में ढाका की एक अदालत ने उन्हें अनुपस्थिति में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। आरोप था कि 2024 के आंदोलन के दौरान हिंसा रोकने में उनकी भूमिका निष्क्रिय रही, जिसमें 1,400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
⚖️ यूनुस सरकार पर तीखा हमला
अपने संबोधन में शेख हसीना ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस को “हत्यारा फासीवादी” बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके नेतृत्व में बांग्लादेश में “कभी निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव नहीं हो सकते।”
बांग्लादेश विदेश मंत्रालय का कहना है कि हसीना ने अपने भाषण में
➡️ अंतरिम सरकार को हटाने की खुली अपील की
➡️ अपने समर्थकों को हिंसक गतिविधियों के लिए उकसाया
➡️ आगामी चुनाव को बाधित करने का प्रयास किया
🗳️ चुनाव से पहले बढ़ा तनाव
बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव प्रस्तावित हैं। यह हसीना के सत्ता से हटने के बाद पहला आम चुनाव होगा। हालांकि, उनकी पार्टी आवामी लीग को चुनाव में हिस्सा लेने से रोक दिया गया है, क्योंकि मई में चुनाव आयोग ने उसका पंजीकरण निलंबित कर दिया था।
इस चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला गठबंधन प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।
🌏 भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर की चेतावनी
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शेख हसीना का भारत से इस तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप
“एक खतरनाक मिसाल” है,
जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
गौरतलब है कि बांग्लादेश ने अब तक भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण का औपचारिक अनुरोध किया है, लेकिन भारत की ओर से इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
✨ कूटनीति, राजनीति और भविष्य की परीक्षा
Sheikh Hasina India Speech Controversy अब सिर्फ एक भाषण तक सीमित नहीं है। यह मुद्दा बांग्लादेश के लोकतांत्रिक भविष्य, चुनावी प्रक्रिया और भारत-बांग्लादेश संबंधों की दिशा तय करने वाला बनता जा रहा है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह विवाद दक्षिण एशिया की राजनीति में कौन सा नया मोड़ लाता है।
