शिक्षा मंत्री आवास का घेराव, पेट्रोल लेकर पहुंचे अभ्यर्थी, पुलिस कार्रवाई में कई घायल

राजधानी रायपुर में शुक्रवार को D.Ed Candidates Protest Raipur ने अचानक उग्र रूप ले लिया। शिक्षक सीधी भर्ती 2023 की प्रतीक्षा सूची (Waiting List) को लेकर नाराज डीएड अभ्यर्थी स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास का घेराव करने पहुंच गए।

अभ्यर्थी सुबह 6 बजे से ही मौके पर जुटने लगे थे, जिनमें से कुछ अभ्यर्थी अपने साथ बॉटल में पेट्रोल भी लेकर पहुंचे थे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी प्रदर्शनकारियों को सेंट्रल जेल भेज दिया।


पुलिस कार्रवाई के दौरान धक्का-मुक्की, कई घायल

जानकारी के अनुसार, पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान—

  • चार अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई
  • उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया
  • गेट क्रॉस के प्रयास में कई अन्य अभ्यर्थी भी घायल हुए

घटना के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।


31 दिनों से अनशन पर बैठे हैं अभ्यर्थी

गौरतलब है कि शिक्षक सीधी भर्ती 2023 के डीएड अभ्यर्थी पिछले 31 दिनों से अनशन पर बैठे हुए हैं।
गुरुवार को मुख्यमंत्री ने विभागीय समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट कर दिया था कि प्रतीक्षा सूची की मान्यता आगे नहीं बढ़ाई जाएगी, ताकि पुराने वर्षों में उत्तीर्ण युवाओं को भी शासकीय सेवा का अवसर मिल सके।


शिक्षा मंत्री का बयान: नई भर्ती पर दें ध्यान

इस विषय पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा—

“यह भर्ती चार साल पुरानी है। सरकार द्वारा काउंसलिंग कर पर्याप्त अवसर दिए गए थे। अब नए अभ्यर्थी भी सामने आ चुके हैं। सरकार का फोकस नई भर्ती प्रक्रिया पर है। अभ्यर्थी नई भर्ती में आवेदन करें।”


15 फरवरी से शुरू होगी नई शिक्षक भर्ती

मंत्री गजेंद्र यादव ने यह भी जानकारी दी कि—

  • 4708 शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है
  • इनमें 2000 पद सहायक शिक्षक के हैं
  • भर्ती प्रक्रिया 15 फरवरी से शुरू होगी
  • और 15 जून तक पूरी कर ली जाएगी

मुख्यमंत्री ने इस भर्ती को पांच माह में पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।


कटऑफ रैंक पहले ही बेहद नीचे

शिक्षा विभाग के अनुसार—

पांचवें चरण की भर्ती में

  • सामान्य वर्ग का कटऑफ रैंक: 6666
  • अनुसूचित जाति: 10990
  • अनुसूचित जनजाति: 72852
  • अन्य पिछड़ा वर्ग: 9193

यदि छठवें चरण की सूची जारी होती है, तो कटऑफ और भी नीचे चला जाएगा, जो भर्ती की गुणवत्ता और न्यायसंगत प्रक्रिया पर प्रश्न खड़े करता है।
वहीं परीक्षा आयोजित हुए दो वर्ष से अधिक समय भी बीत चुका है।


सरकार और अभ्यर्थियों के बीच टकराव जारी

फिलहाल D.Ed Candidates Protest Raipur ने यह साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, आंदोलन थमने वाला नहीं है। वहीं सरकार नई भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता देने के पक्ष में अडिग दिखाई दे रही है।

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