छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षाओं से पहले ESMA लागू, 15 फरवरी से 30 अप्रैल तक शिक्षकों की छुट्टियों और आंदोलन पर रोक

Chhattisgarh Board Exam ESMA: छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को सुचारु और बाधारहित रखने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। माध्यमिक शिक्षा मण्डल, छत्तीसगढ़ की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं फरवरी से तथा 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाएं मार्च से शुरू होने वाली हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एसेंशियल सर्विस एंड मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) लागू कर दिया है।


15 फरवरी से 30 अप्रैल तक लागू रहेगा ESMA

जारी आदेश के अनुसार ESMA 15 फरवरी से 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावशील रहेगा। इस अवधि में परीक्षा और मूल्यांकन से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अत्यावश्यक सेवा के अंतर्गत माने जाएंगे।

इस दौरान—

  • शिक्षक किसी भी प्रकार की छुट्टी नहीं ले सकेंगे
  • आंदोलन, हड़ताल या कार्य बहिष्कार पर पूर्ण रोक रहेगी
  • कोई भी शिक्षक परीक्षा या मूल्यांकन ड्यूटी से इनकार नहीं कर सकेगा

लोकहित को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि लोकहित में यह अत्यंत आवश्यक है कि बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित सेवाओं में कोई बाधा न आए।
इसी कारण छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 के तहत यह प्रतिषेध आदेश जारी किया गया है।

सरकार का कहना है कि यदि परीक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है, तो इसका सीधा असर लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ेगा। इसलिए प्रशासन ने पहले से ही कड़े इंतजाम कर लिए हैं।


मूल्यांकन कार्य पूर्ण होने तक रहेगी सख्ती

यह आदेश केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य की समाप्ति (30 अप्रैल) तक लागू रहेगा।
अधिकारियों के अनुसार, इससे समय पर परिणाम घोषित करने में भी मदद मिलेगी।


छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की कोशिश

राज्य सरकार का यह फैसला छात्रों के हित में उठाया गया कदम माना जा रहा है। समयबद्ध और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था से न केवल शिक्षा प्रणाली मजबूत होगी, बल्कि विद्यार्थियों और अभिभावकों का भरोसा भी बना रहेगा।

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