7 श्रमिकों की मौत के बाद किल्न-01 सील, मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

Balodabazar industrial accident: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम धौराभाठा स्थित मेसर्स रियल इस्पात एण्ड एनर्जी प्रा. लि. के कारखाना परिसर में हुए भीषण औद्योगिक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया।
इस हृदयविदारक घटना में 7 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रशासन ने तत्काल सख्त कार्रवाई की है।


Balodabazar Industrial Accident: किल्न-01 पर तत्काल प्रतिबंध

प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन सामने आने के बाद कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के तहत किल्न क्रमांक-01 के संचालन और समस्त मेंटेनेंस कार्यों पर रोक लगा दी गई है।
यह आदेश सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा जारी किया गया।

यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा, जब तक कारखाना प्रबंधन सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं को प्रमाणित दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत नहीं करता।


कैसे हुआ हादसा: जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

जांच के अनुसार, 22 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 9:40 बजे,
किल्न-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल पर कार्य के दौरान अचानक विस्फोट हुआ।
उस समय लगभग 850 से 900 डिग्री सेल्सियस तापमान की गर्म ऐश को पोकिंग के माध्यम से नीचे गिराया जा रहा था।

इसी दौरान तेज विस्फोट और गर्म राख की बौछार से श्रमिक इसकी चपेट में आ गए।


SOP की अनदेखी, श्रमिकों की सुरक्षा से खिलवाड़

निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि:

  • किल्न को शटडाउन किए बिना कार्य कराया गया
  • हाइड्रोलिक स्लाइड गेट बंद नहीं किया गया
  • वर्क परमिट जारी नहीं किया गया
  • नियमित मेंटेनेंस का अभाव रहा
  • श्रमिकों को सुरक्षा प्रशिक्षण नहीं दिया गया
  • हीट रेसिस्टेंट एप्रन, हेलमेट, सुरक्षा जूते जैसे अनिवार्य उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए

इन गंभीर लापरवाहियों के कारण किल्न-01 की स्थिति को “Imminent Danger” की श्रेणी में रखा गया।


प्रतिबंध अवधि में भी श्रमिकों को मिलेगा पूरा वेतन

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान कारखाने में कार्यरत सभी श्रमिकों को
उनका वेतन और अन्य भत्ते समय पर देना अनिवार्य होगा।
इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


सरकार का सख्त संदेश: श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि

सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने दो टूक कहा कि
औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि:

“सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी औद्योगिक संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।”


निष्कर्ष: Balodabazar Industrial Accident से सबक जरूरी

यह Balodabazar industrial accident केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि
औद्योगिक सुरक्षा में लापरवाही का कड़वा सच है।
सरकार की त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि
मानव जीवन से बड़ा कोई उत्पादन नहीं।

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