नई दिल्ली।
Chhattisgarh State Bravery Award: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है, जिसने इंसानियत, साहस और जिम्मेदारी की मिसाल कायम कर दी है। गुण्डरदेही विधानसभा अंतर्गत ग्राम मटिया की रहने वाली कक्षा नौवीं की छात्रा हेमाद्री चौधरी ने अपनी सूझबूझ और निडरता से एक मासूम बच्चे की जान बचाकर पूरे इलाके को गौरवान्वित किया है।
▶ तालाब में डूब रहे बच्चे को बचाया
यह घटना 2 अक्टूबर 2025 की है। गांव के तालाब के पास खेलते समय कक्षा पहली का एक छात्र अचानक गहरे पानी में गिर गया और डूबने लगा। बच्चे का भाई मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन भय के कारण मौके पर मौजूद एक युवक तालाब में उतरने से पीछे हट गया।
▶ बिना डरे तालाब में कूदी हेमाद्री
स्थिति गंभीर होती देख हेमाद्री चौधरी, पिता पूर्णानंद चौधरी, ने बिना एक पल गंवाए तालाब में छलांग लगा दी। काफी संघर्ष और प्रयास के बाद उसने डूबते बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बच्चे की जान बचते ही गांव में राहत और खुशी की लहर दौड़ गई। हेमाद्री की बहादुरी की चर्चा पूरे क्षेत्र में फैल गई।
▶ राज्य वीरता पुरस्कार 2025 के लिए चयन
हेमाद्री के इस साहसिक और निस्वार्थ कार्य को अब छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी सम्मानित किया है। विभाग ने उन्हें राज्य वीरता पुरस्कार 2025 के लिए चयनित किया है।
इससे पहले बाल दिवस के अवसर पर उन्हें स्कूल स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
▶ 26 जनवरी को होगा राज्य स्तरीय सम्मान
महिला एवं बाल विकास संचालनालय, नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 26 जनवरी 2026 को राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में पांच चयनित वीर बालक-बालिकाओं को सम्मानित किया जाएगा।
प्रत्येक चयनित बच्चे को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया जाएगा।
▶ जिले और स्कूल के लिए गर्व का क्षण
बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने हेमाद्री की सराहना करते हुए कहा कि यह साहसिक कार्य पूरे जिले के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि हेमाद्री की तत्परता, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदना उसकी अदम्य साहसिक भावना को दर्शाती है।
शिक्षकों और ग्रामीणों का मानना है कि हेमाद्री का यह कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत प्रेरणा बनेगा।
