रायपुर, 21 जनवरी 2026।
Chhattisgarh Buyer-Seller Meet 2026: नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित दो दिवसीय बायर-सेलर मीट 2026 में छत्तीसगढ़ के बिहान महिला समूहों और उनके एफपीओ को जोरदार रिस्पॉन्स मिला है। इस आयोजन से महिला समूहों का मनोरबल और आत्मविश्वास दोनों बढ़े हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित यह मीट 20 और 21 जनवरी को हुआ। इस दौरान खरीददार और महिला समूहों के प्रतिनिधियों के बीच उनके उत्पादों की मात्रा, गुणवत्ता और मार्केटिंग को लेकर कई सहमतियां बनीं।
राज्य और अन्य राज्यों के खरीददारों ने दिखाया उत्साह
इस मीट में छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के खरीददार भी शामिल हुए। उन्होंने बिहान महिला समूहों के उत्पादों को न सिर्फ सराहा, बल्कि 11 प्रकार के उत्पादों की खरीददारी के लिए 2,13,000 मीट्रिक टन की सप्लाई डील भी फाइनल की।
इन 11 उत्पादों में शामिल हैं:
- जैविक चावल: विष्णु भोग, देवभोग, जवाफूल, जीराफूल
- विभिन्न प्रकार के मसाले
- चना दाल बेसन, उड़द दाल, कोदो-कुटकी और तिखूर
महिला समूहों और एफपीओ को नए अवसर
दो दिवसीय बायर-सेलर मीट में महिला समूहों ने खरीददारों को अपने उत्पादों, मात्रा और गुणवत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
खरीददारों ने अपनी डिमांड और अपेक्षाओं से भी समूहों को अवगत कराया। इसके परिणामस्वरूप आर्डर और सप्लाई पर कई सहमति बनी।
महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का नया उत्साह
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, एएफसी इंडिया लिमिटेड एवं प्रदान संस्था के सहयोग से आयोजित यह मीट महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक सिंह ने सभी स्टॉलों का अवलोकन करते हुए उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और नवाचार की सराहना की।
उन्होंने कहा, “महिला समूह केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बाजार की मांग को समझते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। निकट भविष्य में महिला समूहों के उत्पादों की मात्रा और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग पूरी हो सके।”
मिशन संचालक ने बताया, बायर-सेलर मीट ऐतिहासिक अवसर
बिहान मिशन के संचालक श्री अश्विनी देवांगन ने कहा कि बायर-सेलर मीट 2026 महिला एफपीओ और एसएचजी को वास्तविक और टिकाऊ बाजार अवसर प्रदान करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
दो दिवसीय बायर-सेलर मीट 2026 ने यह साबित कर दिया कि महिला समूह और उनके एफपीओ केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यावसायिक समझ और आत्मविश्वास के साथ बड़े पैमाने पर बाजार में अपने उत्पादों की पैठ बना सकते हैं। इस आयोजन से महिला उत्पादकों को नई संभावनाएं और व्यापारिक अवसर मिले हैं, जो उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण में योगदान देंगे।
