दुर्ग, 21 जनवरी 2026
महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा POSH Act Awareness Workshop Durg का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला जिला न्यायालय दुर्ग के नवीन सभागार में संपन्न हुई।
कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के मार्गदर्शन में किया गया।
👩⚖️ POSH Act क्यों है जरूरी
कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों में महिलाएं बड़ी संख्या में कार्यरत हैं।
हालांकि, कई बार महिलाएं कार्यस्थल पर होने वाले लैंगिक उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार के खिलाफ डर या जानकारी के अभाव में शिकायत दर्ज नहीं करा पातीं।
इसी उद्देश्य से महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 लागू किया गया है, ताकि महिलाएं बिना भय के अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें।
⚖️ “जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी” – प्रधान जिला न्यायाधीश
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग ने अपने संबोधन में महिला कर्मचारियों से जुड़े वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि POSH Act कितना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि
“कानून तभी प्रभावी होता है, जब उसकी जानकारी आमजन तक पहुंचे। समय-समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त बनाते हैं।”
💻 SHe-Box पोर्टल की दी गई जानकारी
कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी द्वारा SHe-Box पोर्टल (shebox.wcd.gov.in) की विस्तृत जानकारी दी गई।
बताया गया कि महिलाएं कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की स्थिति में इस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकती हैं।
🏛️ जिला न्यायालय में पहले से गठित है आंतरिक शिकायत समिति
इस अवसर पर चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष आंतरिक शिकायत समिति, जिला न्यायालय दुर्ग ने बताया कि
जिला न्यायालय दुर्ग में POSH Act के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आंतरिक शिकायत समिति पहले से गठित है, जिससे महिला कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
📊 पीपीटी प्रेजेंटेशन से आसान समझ
कार्यशाला के दौरान पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से:
- शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
- अधिनियम के प्रावधान
- महिलाओं के अधिकार
को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया गया, जिससे प्रतिभागियों को विषय स्पष्ट रूप से समझ में आया।
👥 कार्यक्रम में ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
कार्यशाला में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
- प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग
- चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, आंतरिक शिकायत समिति
- सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग
- सुश्री नीता जैन, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग
- श्रीमती उमा भारती (अधिवक्ता)
- श्रीमती सावित्री तिवारी, महिला उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ न्यायिक कर्मचारी संघ
- महिला एवं बाल विकास विभाग से श्रीमती प्रीति बाला
POSH Act Awareness Workshop Durg महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सुरक्षित कार्यस्थल के निर्माण और संवेदनशील न्याय व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल साबित हुई।
कार्यक्रम का समापन महिलाओं को निडर, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य संस्कृति प्रदान करने के संकल्प के साथ किया गया।
