103 वर्षीय महिला को मृत समझकर अंतिम संस्कार की तैयारी, अचानक लौटी सांस—शोक से जन्मदिन के जश्न में बदला माहौल

Nagpur 103 year old woman miracle: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के रामटेक से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। 103 वर्षीय गंगाबाई सखारे, जिन्हें परिवार ने मृत मान लिया था और जिनके अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी हो चुकी थी, वे अंतिम क्षणों में जिंदगी की ओर लौट आईं
यह पल जितना अविश्वसनीय था, उतना ही भावुक भी—क्योंकि संयोग से उसी दिन उनका जन्मदिन भी था। शोक का माहौल देखते-देखते जश्न में बदल गया


⏳ जब थम गईं हलचलें, और मान ली गई मौत

यह घटना सोमवार शाम से शुरू हुई, जब गंगाबाई के शरीर में कोई हलचल नहीं दिखी। परिवार ने उन्हें मृत मान लिया। रिश्तेदारों को सूचना दी गई और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं।
मंगलवार सुबह परंपरा के अनुसार उन्हें नई साड़ी पहनाई गई, हाथ-पैर बांधे गए और नाक में रुई लगाई गई। दूर-दराज से रिश्तेदार अंतिम विदाई के लिए पहुंचने लगे।


👀 एक नजर ने बदल दी किस्मत

इसी बीच, अंतिम तैयारी के दौरान पोते राकेश सखारे की नजर दादी के पैरों पर पड़ी—जहां उंगलियों में हल्की सी हरकत दिखी।
तुरंत नाक से रुई हटाई गई और गंगाबाई ने गहरी सांस ली। जिस दादी को सब खो चुका मान बैठे थे, वह जीवित थीं।


😢 से 😄: शोकसभा बनी जन्मदिन पार्टी

पल भर में सब कुछ बदल गया।

  • शव वाहन वापस भेज दिया गया
  • शोक मंडप हटाया गया
  • पड़ोसियों में खुशी की लहर दौड़ गई

तभी परिवार को याद आया कि आज गंगाबाई का 103वां जन्मदिन भी है। इसके बाद घर में केक कटा, और जो लोग अंतिम संस्कार के लिए आए थे, वे जन्मदिन का केक खाकर मुस्कुराते हुए लौटे


🌼 “जीवित चमत्कार” बनीं गंगाबाई

इस अद्भुत घटना के बाद पूरे इलाके में गंगाबाई को “जीवित चमत्कार” कहा जाने लगा है। आस-पास के गांवों से लोग उन्हें देखने और आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं।
यह कहानी आज हर किसी के दिल को छू रही है—कि उम्मीद आखिरी सांस तक जिंदा रहती है


🔔 निष्कर्ष

Nagpur 103 year old woman miracle केवल एक खबर नहीं, बल्कि जीवन की ताकत और मानवीय भावनाओं की मिसाल है। जहां मौत का मातम था, वहां जिंदगी की जीत का जश्न मनाया गया—और यह दिन हमेशा याद रखा जाएगा।

✍️ ऐसी ही दिल छू लेने वाली और सच्ची खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *