CSPOC 2026 India Democracy: राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित कॉमनवेल्थ देशों के स्पीकर्स और प्रिसाइडिंग ऑफिसर्स सम्मेलन (CSPOC 2026) को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसे भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन दुनिया के सामने भारत की संवैधानिक मजबूती और लोकतांत्रिक प्रगति को प्रदर्शित करने का मंच है।
🇮🇳 भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को वैश्विक मंच
सम्मेलन स्थल पर मीडिया से बातचीत करते हुए रमन सिंह ने कहा—
“यह एक बड़ा अवसर है, जहां अन्य देश देख सकते हैं कि भारत अपने संविधान के माध्यम से किस तरह आगे बढ़ रहा है।”
उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यवहारिक रूप से मजबूत और सतत विकसित हो रहा है, जिसे पूरी दुनिया देख रही है।
🏛️ प्रधानमंत्री मोदी ने किया सम्मेलन का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संविधान सदन (समविधान सदन) के केंद्रीय कक्ष में CSPOC 2026 का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर कॉमनवेल्थ देशों के स्पीकर्स और संसदीय प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
🌐 42 देशों की भागीदारी, वैश्विक महत्व
इस उच्चस्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कर रहे हैं।
सम्मेलन में—
- 42 कॉमनवेल्थ देशों के
- 61 स्पीकर्स और प्रिसाइडिंग ऑफिसर्स
- तथा 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि
भाग ले रहे हैं।
यह सहभागिता सम्मेलन के वैश्विक महत्व और प्रभाव को दर्शाती है।
🤖 संसद में AI और सोशल मीडिया पर गहन मंथन
CSPOC 2026 India Democracy सम्मेलन में कई अहम विषयों पर चर्चा हो रही है, जिनमें प्रमुख हैं—
🔹 संसद में AI की भूमिका
- विषय: AI in Parliament: Balancing Innovation, Oversight and Adaptation
- नेतृत्व: मलेशिया
🔹 सोशल मीडिया का प्रभाव
- विषय: Social Media and its Impact on Parliamentarians
- प्रस्तुति: श्रीलंका
🔹 नागरिक सहभागिता को बढ़ाने की रणनीति
- योगदान: नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका
इसके अलावा सांसदों और संसदीय कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए।
⚠️ ओम बिरला का स्पष्ट संदेश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि—
“AI और सोशल मीडिया ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाई है, लेकिन इसके साथ ही गलत सूचना, हिंसा, अपराध और सामाजिक ध्रुवीकरण जैसी गंभीर चुनौतियां भी पैदा हुई हैं।”
उन्होंने नैतिक AI और जवाबदेह सोशल मीडिया को “समय की सबसे बड़ी जरूरत” बताया।
📜 पेपरलेस संसद की ओर भारत
ओम बिरला ने यह भी बताया कि—
- भारत की संसद और राज्य विधानसभाओं में AI का उपयोग लगातार बढ़ रहा है
- विधायी कार्य तेजी से पेपरलेस प्रणाली की ओर बढ़ रहे हैं
उन्होंने भरोसा जताया कि यह सम्मेलन नीतिगत सिफारिशों और स्पष्ट रोडमैप के साथ समाप्त होगा, जिससे तकनीक का जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
📌 क्यों महत्वपूर्ण है CSPOC 2026
- भारत की लोकतांत्रिक छवि को वैश्विक पहचान
- AI और सोशल मीडिया पर संतुलित नीति निर्माण
- संसदों के आधुनिकीकरण की साझा रणनीति
- लोकतंत्र को मजबूत करने पर अंतरराष्ट्रीय सहमति
CSPOC 2026 India Democracy सम्मेलन यह स्पष्ट करता है कि भारत न केवल लोकतंत्र का सबसे बड़ा उदाहरण है, बल्कि भविष्य की दिशा भी तय कर रहा है।
