woman bonded labour: छत्तीसगढ़ पुलिस ने रायनंदगांव जिले की महिला उषा साहू के जम्मू-कश्मीर में बंधुआ मजदूरी में फंसे होने के मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है।
उषा साहू, जो डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के चिचोला गांव की रहने वाली हैं और दो बच्चों की मां हैं, ने हाल ही में सिन्धीगढ़ से अपने माता-पिता को कॉल कर अपने घर लौटाने की गुहार लगाई।
मामले का खुलासा और परिवार की शिकायत
परिवार ने बताया कि उषा साहू को उनके गांव के बिसाहु टोला से एक अज्ञात युवक ने ले गया था। पिता चरन साहू ने पुलिस को वह मोबाइल नंबर भी सौंपा, जिससे बेटी ने कॉल की थी। उन्होंने बताया कि कॉल पर एक व्यक्ति ने कहा कि उषा साहू को जम्मू-कश्मीर में घरेलू काम के लिए पहले ही भुगतान किया गया है और छह महीने के समझौते के कारण उन्हें वहां से जाने की अनुमति नहीं है।
उषा साहू ने वीडियो कॉल के दौरान रोते हुए माता-पिता से वापसी की गुहार लगाई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच
रायनंदगांव एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि उषा साहू युवक के साथ अपने प्रेम संबंध के कारण जम्मू-कश्मीर गईं, और वहां उन्हें किसी स्थानीय निवासी के लिए बंधुआ मजदूरी में रखा गया।
पुलिस ने कहा कि हर साल कई छत्तीसगढ़ी कर्मचारी जम्मू-कश्मीर में काम के लिए जाते हैं, अक्सर उन्हें छह-सात महीने के काम का अग्रिम भुगतान मिलता है।
विशेष टीम और सुरक्षित वापसी
पुलिस अधिकारी उषा साहू को सुरक्षित घर लाने के लिए दो सदस्यीय टीम जम्मू-कश्मीर भेजेंगे। टीम उनके माता-पिता के साथ यात्रा करेगी और मोबाइल कॉल डिटेल्स एवं लोकेशन का पता लगाएगी।
हालांकि, जिला पुलिस प्रमुख ने स्पष्ट किया कि इस समय यह मामला संगठित मानव तस्करी से संबंधित नहीं लगता।
