National Rover Ranger Jamboree Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का समापन एक ऐतिहासिक और भावनात्मक माहौल में हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि
“स्काउटिंग जीवन जीने की एक पद्धति है, जो कठिन परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भर रहना, टीम भावना से काम करना और समाज के लिए समर्पित रहना सिखाती है।”
देश के कोने-कोने से आए हजारों युवा स्काउट-गाइड्स की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक जीवंत राष्ट्रीय उत्सव बना दिया।
🇮🇳 ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की सजीव तस्वीर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस स्तर की राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का छत्तीसगढ़ में आयोजन होना पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है।
National Rover Ranger Jamboree Chhattisgarh ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जमीन पर उतार दिया।
विभिन्न राज्यों के रोवर-रेंजरों ने अपनी:
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियों
- झांकियों
- और पारंपरिक वेशभूषा
के जरिए भारत की विविधता और एकता को खूबसूरती से दर्शाया।
🌟 युवा ही राष्ट्र का भविष्य
मुख्यमंत्री ने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के शब्दों से प्रेरित किया—
“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”
उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड आंदोलन युवाओं में अनुशासन, सेवा-भाव, नेतृत्व और टीमवर्क जैसे गुण विकसित करता है।
कोरोना काल में स्काउट-गाइड्स द्वारा किए गए सेवा कार्यों को उन्होंने समाज के लिए अमूल्य योगदान बताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत युवाओं को शपथ भी दिलाई।
👥 15 हजार से अधिक युवाओं की ऐतिहासिक भागीदारी
09 से 13 जनवरी तक चले इस पाँच दिवसीय आयोजन में
देश-विदेश से 15,000 से अधिक रोवर-रेंजरों ने भाग लिया।
समापन समारोह में प्रस्तुत:
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- लोकनृत्य
- और कला प्रदर्शन
ने पूरे वातावरण को भारतीय संस्कृति और सौहार्द से भर दिया।
यह दृश्य National Rover Ranger Jamboree Chhattisgarh को एक यादगार राष्ट्रीय आयोजन बना गया।
🏅 शिक्षा मंत्री को मिला सिल्वर एलीफेंट अवार्ड
स्कूल शिक्षा मंत्री एवं स्काउट-गाइड राज्य अध्यक्ष श्री गजेंद्र यादव ने जंबूरी की सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन को दिया।
इस अवसर पर उन्हें राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल द्वारा सिल्वर एलीफेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
🕊️ सेवा और समर्पण से बनेगा श्रेष्ठ भारत
डॉ. खंडेलवाल ने कहा कि
“स्काउटिंग का मूल मंत्र है – अपने कार्यों से दूसरों का भला करना।”
उन्होंने बताया कि सेवा-भाव और सहभागिता से ही एक सशक्त और विकसित भारत का निर्माण होगा।
