Korba Patwari Suspension: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में किसानों के हक की अनदेखी करने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पटवारी हल्का क्रमांक 3 की पटवारी श्रीमती कामिनी कारे को किसानों के रकबा सुधार और ऑनलाइन मैपिंग में लापरवाही के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इतना ही नहीं, इस पूरे कार्य की निगरानी में ढिलाई बरतने पर तहसीलदार हरदीबाजार को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई कोरबा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देश पर की गई।
🌾 किसानों की शिकायत से खुला मामला
जिला प्रशासन को यह गंभीर शिकायत मिली थी कि
ग्राम नोनबिर्रा, उड़ता और पूटा के कई किसान
समर्थन मूल्य पर अपना धान बेच नहीं पा रहे हैं।
कारण था—उनका रकबा सही तरीके से दर्ज नहीं होना और ऑनलाइन मैपिंग अधूरी रहना। इससे उपार्जन केंद्रों में उनका नाम ही सिस्टम में नहीं दिख रहा था।
🔍 जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
कलेक्टर के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पाली द्वारा दी गई रिपोर्ट में साफ पाया गया कि:
- पटवारी ने कई किसानों का क्षेत्र निरीक्षण नहीं किया
- रकबा सत्यापन अधूरा रहा
- और ऑनलाइन मैपिंग में भारी लापरवाही हुई
इसी वजह से कई किसान सरकारी खरीद केंद्रों में अपना धान बेचने से वंचित रह गए।
⚖️ नियमों की अनदेखी पर निलंबन
जांच रिपोर्ट के आधार पर पटवारी श्रीमती कामिनी कारे के कृत्य को
शासन के निर्देशों की अवहेलना,
कर्तव्य में लापरवाही और
स्वेच्छाचारिता माना गया।
इसीलिए उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पाली तय किया गया है।
🗺️ जिले में तेज हुआ रकबा सुधार और मैपिंग
गौरतलब है कि शासन के निर्देश पर कोरबा जिले में
गिरदावरी से छूटे किसानों,
गलत दर्ज रकबा सुधार
और ऑनलाइन मैपिंग का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि कोई भी किसान समर्थन मूल्य से वंचित न रहे।
Korba Patwari Suspension की यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
