ईडी का बड़ा खुलासा, 540 करोड़ की वसूली से चुनाव खर्च और नेताओं को रिश्वत

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित Chhattisgarh Coal Scam में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने बताया है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए कथित अवैध कोयला लेवी घोटाले से जुटाए गए करीब 540 करोड़ रुपये का इस्तेमाल चुनावी खर्च, नेताओं और अफसरों को रिश्वत देने और संपत्ति खरीदने में किया गया।

यह खुलासा 12 जनवरी 2026 को ईडी द्वारा जारी आधिकारिक बयान में किया गया।


🧾 2.66 करोड़ की संपत्ति ईडी ने की अटैच

ईडी ने इस मामले में छत्तीसगढ़ की निलंबित अफसर सौम्या चौरसिया और एक अन्य आरोपी निखिल चंद्राकर से जुड़ी 2.66 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं।

इनमें शामिल हैं:

  • जमीन के टुकड़े
  • आवासीय फ्लैट
  • अचल संपत्तियां

ये सभी संपत्तियां आरोपियों द्वारा अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई थीं।


🔍 कैसे हुआ 540 करोड़ का अवैध कलेक्शन?

ईडी के अनुसार,
जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन करने वालों से 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से अवैध वसूली की गई।

इस पूरे नेटवर्क में

  • निजी लोग
  • वरिष्ठ राजनेता
  • प्रभावशाली नौकरशाह

मिलकर एक सिंडिकेट चला रहे थे।


💰 पैसा कहां गया?

ईडी ने अपनी जांच में कहा है कि Chhattisgarh Coal Scam से निकली रकम का उपयोग किया गया—

  • चुनावी प्रचार और खर्च
  • नेताओं को रिश्वत
  • अफसरों को मैनेज करने
  • जमीन और फ्लैट खरीदने

यानी अवैध पैसे से पूरे राजनीतिक और प्रशासनिक नेटवर्क को चलाया गया।


👩‍💼 सौम्या चौरसिया पर गंभीर आरोप

सौम्या चौरसिया, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में CMO में उप सचिव थीं, को इस मामले में बेहद प्रभावशाली अफसर माना जाता था।

ईडी ने उन्हें और अन्य 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली।

अब तक इस मामले में:

  • 5 चार्जशीट
  • 35 आरोपी
  • कई कंपनियां शामिल

हो चुकी हैं।


🧩 कहां से शुरू हुई जांच?

यह पूरा Chhattisgarh Coal Scam इन जांचों से जुड़ा है—

  • 2022 में बेंगलुरु पुलिस की एफआईआर
  • 2023 में आयकर विभाग की चार्जशीट
  • 2024 में छत्तीसगढ़ EOW/ACB की शिकायत

इन सभी के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज किया।


🧠 निष्कर्ष

Chhattisgarh Coal Scam अब सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं रहा, बल्कि यह चुनावी राजनीति, सत्ता और भ्रष्टाचार के गठजोड़ की कहानी बन चुका है।
ईडी की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि यह पैसा सिर्फ जेब नहीं, बल्कि राजनीति की दिशा भी तय कर रहा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *