छत्तीसगढ़ के जनजातीय इलाकों में विकास की एक नई कहानी लिखी जा रही है।
Tribal Development Scheme के तहत चल रही सांसद संकुल विकास परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि यह योजना जनजातीय समाज को स्वरोजगार से जोड़कर पलायन रोकने की मजबूत नींव रखेगी।
मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने इस परियोजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
🌱 जनजातीय इलाकों को मिलेगा स्थायी रोजगार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।
सांसद संकुल विकास परियोजना के अंतर्गत गांवों को क्लस्टर मॉडल में जोड़कर स्थानीय जरूरतों के अनुसार रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इससे न केवल स्थायी आजीविका बनेगी, बल्कि जनजातीय इलाकों से हो रहे पलायन पर भी रोक लगेगी।
🌾 धान से लेकर वनोपज तक बनेगा आत्मनिर्भर मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यहां धान की कई किस्में निर्यात योग्य हैं।
इसके साथ ही:
- मत्स्य पालन
- बकरी पालन
- गौ पालन
- शूकर पालन
- महुआ, इमली, चिरौंजी जैसे वनोपज
को Tribal Development Scheme के अंतर्गत वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग से जोड़ा जा रहा है, ताकि जनजातीय परिवारों की आमदनी बढ़े।
🏭 नई उद्योग नीति से मिलेगा जनजातीय उद्यमियों को लाभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि राज्य की नई उद्योग नीति में एससी-एसटी उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
सांसद संकुल परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया है कि वे जनजातीय क्षेत्रों तक इन योजनाओं का लाभ अवश्य पहुंचाएं।
इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की जाएगी, ताकि कार्यों की निगरानी और गति बनी रहे।
🗺️ इन संकुलों में हो रहा है मॉडल विकास
बैठक में इन क्षेत्रों की प्रगति की जानकारी दी गई:
- रायगढ़ – लैलूंगा संकुल
- सरगुजा – परशुरामपुर संकुल
- बस्तर – बकावंड संकुल
- बलरामपुर – माता राजमोहिनी देवी संकुल
- केशकाल – धनोरा संकुल
यह सभी क्षेत्र Tribal Development Scheme के अंतर्गत विकास के मॉडल के रूप में उभर रहे हैं।
🤝 सरकार, सांसद और समाज साथ मिलकर कर रहे काम
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्थानीय जरूरतों को समझकर अगर अधिकारी और जनप्रतिनिधि मिलकर काम करें तो जनजातीय युवाओं को स्थायी रोजगार मिल सकता है।
Tribal Development Scheme के तहत सांसद संकुल विकास परियोजना छत्तीसगढ़ के जनजातीय इलाकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
खेती, वनोपज, पशुपालन और उद्योग के जरिए अब गांवों में ही रोजगार पैदा होगा और विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी।
