बालोद में युवा संसद से गूंजा लोकतंत्र, रोवर-रेंजर बने सांसद

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित National Rover Ranger Jamboree 2026 अपने तीसरे दिन एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक दृश्य का साक्षी बना, जब जंबूरी परिसर एक लोकतांत्रिक संसद में बदल गया।
यहां रोवर-रेंजरों ने यूथ पार्लियामेंट के माध्यम से देश की लोकसभा की वास्तविक कार्यवाही को जीवंत कर दिया।


🏛️ यूथ पार्लियामेंट: जब युवा बने सांसद

यूथ पार्लियामेंट में रोवर-रेंजरों ने सांसदों की भूमिका निभाई, जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने संसद अध्यक्ष की भूमिका संभाली।
युवाओं ने जिस आत्मविश्वास, विषय-ज्ञान और मर्यादित संवाद शैली से अपनी बात रखी, उसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

यह मंच केवल एक प्रस्तुति नहीं था, बल्कि यह भावी जनप्रतिनिधियों को गढ़ने की प्रयोगशाला जैसा साबित हुआ।


🌟 डॉ. रमन सिंह ने युवाओं की सराहना की

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा—

“रोवर-रेंजरों ने जिस अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ भूमिका निभाई, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की झलक मिलती है।”

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव पड़ती है।


🎓 युवा ही देश का भविष्य – गजेंद्र यादव

स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि
आज के रोवर-रेंजर ही कल के राष्ट्र निर्माता हैं।

इस अवसर पर भारतीय स्काउट गाइड के राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल भी मौजूद रहे।


🎪 सीख, सेवा और साहस से भरा रहा तीसरा दिन

National Rover Ranger Jamboree 2026 के तीसरे दिन युवाओं ने—

  • फ्लैग सेरेमनी और मार्च पास्ट
  • डॉग शो और स्वच्छ भारत प्रतियोगिता
  • आदिवासी नृत्य, पारंपरिक भोजन और लोकवाद्य
  • हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी
  • आपदा प्रबंधन, वृक्षारोपण और ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज

जैसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।


🌍 इंटरनेशनल नाइट ने दिया वैश्विक रंग

जंबूरी में आयोजित इंटरनेशनल नाइट में विभिन्न देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया और युवाओं को वैश्विक नागरिकता की भावना से जोड़ा।


National Rover Ranger Jamboree 2026 केवल एक शिविर नहीं, बल्कि यह नेतृत्व, लोकतंत्र और संस्कारों की प्रयोगशाला बन गया है।
बालोद की धरती पर उगते यह युवा भविष्य में भारत की राजनीति, प्रशासन और समाज को नई दिशा देंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *