रूस-चीन से बचाने के लिए ग्रीनलैंड पर अमेरिका का हक चाहिए, बोले डोनाल्ड ट्रंप

Trump Greenland Ownership Plan: क्यों ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए इतना अहम बन गया?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। Trump Greenland ownership plan के तहत ट्रंप ने साफ कहा है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड पर स्वामित्व हासिल करना होगा, ताकि भविष्य में रूस या चीन वहां अपना दबदबा न बना सकें।

व्हाइट हाउस में तेल कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा,

“हमें ग्रीनलैंड पर कुछ करना ही होगा, चाहे वे चाहें या नहीं। अगर हम नहीं करेंगे, तो रूस या चीन वहां कब्जा कर लेंगे।”


🌍 ग्रीनलैंड क्यों है रणनीतिक रूप से अहम?

ग्रीनलैंड, जिसकी आबादी केवल 57 हजार है, भले ही दिखने में शांत और बर्फीला द्वीप लगे, लेकिन यह आर्कटिक क्षेत्र में स्थित होने के कारण वैश्विक राजनीति में बेहद अहम है। यह डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है, जहां अमेरिका की सैन्य मौजूदगी 1951 के एक समझौते के तहत पहले से है।

लेकिन ट्रंप का मानना है कि सिर्फ सैन्य समझौते काफी नहीं हैं।
उनका कहना है,

“आप किराए की जमीन की रक्षा नहीं करते, आप मालिकाना हक की रक्षा करते हैं।”

यही सोच Trump Greenland ownership plan की बुनियाद है।


🇺🇸 अमेरिका की क्या है रणनीति?

व्हाइट हाउस सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ग्रीनलैंड को अमेरिका के अधीन लाने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिनमें

  • ग्रीनलैंड के लोगों को लंपसम भुगतान,
  • और यहां तक कि अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप तक शामिल हैं।

मकसद यह है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क से अलग होकर अमेरिका का हिस्सा बन सके।


🇩🇰 यूरोप और डेनमार्क का कड़ा जवाब

Trump Greenland ownership plan पर यूरोप में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन और ब्रिटेन समेत कई देशों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि,

“ग्रीनलैंड और डेनमार्क के संबंधों पर फैसला केवल वही दोनों कर सकते हैं।”

डेनमार्क और अमेरिका दोनों NATO सहयोगी हैं, इसलिए ट्रंप के बयान को यूरोप में असहजता के साथ देखा जा रहा है।


🌐 रूस और चीन का डर क्यों?

अमेरिका को आशंका है कि यदि उसने ग्रीनलैंड पर अपना प्रभाव नहीं बढ़ाया, तो रूस और चीन इस आर्कटिक द्वीप पर रणनीतिक और सैन्य मौजूदगी बना सकते हैं। यही वजह है कि ट्रंप इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं।


Trump Greenland ownership plan सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा का संकेत है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अमेरिका सच में ग्रीनलैंड पर अपना नियंत्रण बढ़ाने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाता है, या यह विवाद कूटनीतिक दबाव तक ही सीमित रहता है।

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