ग्राम पंचायत खर्रा के सरपंच-सचिव पर 1.25 लाख के फर्जी बिल से गबन का केस दर्ज

Kharra Panchayat scam: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खर्रा में एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां सरपंच और सचिव पर 1 लाख 25 हजार रुपये के गबन का आरोप लगा है।
यह मामला अब पूरे क्षेत्र में Kharra Panchayat scam के नाम से चर्चा में है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी की शिकायत पर छाल थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।


📂 ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से खुला राज

इस घोटाले की शुरुआत तब हुई, जब पंचायत की उप सरपंच श्रीमती सुकवारा ने प्रशासन को लिखित शिकायत दी। इसके बाद भारत सरकार की अधिकृत वेबसाइट ई-ग्राम स्वराज पर पंचायत के खातों की जांच की गई।

जांच में यह सामने आया कि—

  • 09 अक्टूबर को
  • बोर खनन के नाम पर 90,000 रुपये
  • नाली निर्माण के नाम पर 35,000 रुपये

कुल 1,25,000 रुपये का भुगतान दिखाया गया, जबकि इन कार्यों के लिए फर्जी और कोरे बिल लगाए गए थे।

इस तरह सरपंच परमेश्वरी राठिया और सचिव ओम प्रकाश श्रीवास पर मिलकर सरकारी राशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगा है। यही मामला अब Kharra Panchayat scam की जड़ बना है।


🚨 पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

मुख्य कार्यपालन अधिकारी मदनलाल साहू ने छाल थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार,

“मामले की हर बिंदु पर जांच की जा रही है। दस्तावेजों और भुगतान विवरणों को खंगाला जा रहा है।”


🏛️ पंचायत व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने गांव के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। जिन पैसों से गांव में नाली, पानी और बुनियादी सुविधाएं बननी थीं, वही पैसा कागजों में खर्च दिखाकर निकाल लिया गया।

यह मामला बताता है कि Kharra Panchayat scam केवल एक गांव का नहीं, बल्कि पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल है।


🔍 आगे क्या होगा?

अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उन्हें उनके हक का विकास और जवाबदेही दोनों मिलेंगी।

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