रायपुर, 09 जनवरी 2026।
इंदौर में दूषित पानी से 18 लोगों की मौत के बाद देशभर में जल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी कड़ी में Raipur Water Board के गठन को रायपुर नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (MIC) बैठक में मंजूरी दी गई है। यह फैसला 8 जनवरी को मेयर मीनल चौबे की अध्यक्षता में लिया गया।
नई व्यवस्था के तहत यह बोर्ड रायपुर शहर में
पीने के पानी की आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम और जल स्रोतों के रखरखाव की सीधी निगरानी करेगा।
🚰 क्यों जरूरी था Raipur Water Board?
शहर के अलग-अलग इलाकों में पानी की असमान आपूर्ति,
पुरानी पाइपलाइनों से रिसाव और
जल गुणवत्ता की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं।
अब Raipur Water Board इन सभी समस्याओं का
एकीकृत और स्थायी समाधान देने का काम करेगा, जिससे हर घर तक सुरक्षित पानी पहुंचे।
🏗️ पानी और नालों के लिए करोड़ों की योजनाएं
MIC बैठक में पानी और जलनिकासी से जुड़ी बड़ी योजनाओं को मंजूरी मिली:
- वार्ड 66 (कुशालपुर, रिंग रोड-1) में पाइपलाइन पुशिंग के लिए ₹1.65 करोड़
- वार्ड 51 में स्थायी नाला निर्माण के लिए ₹1.94 करोड़
- AMRUT 2.0 के तहत रायपुर को ₹15 करोड़ का इंसेंटिव, क्योंकि शहर ने 85% से ज्यादा जल कवरेज हासिल किया
ये फैसले बरसात में जलभराव और गंदे पानी की समस्या को खत्म करेंगे।
🛰️ ड्रोन से होगा संपत्ति कर का सर्वे
Raipur Water Board के साथ-साथ टैक्स व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
नगर निगम अब ₹5.8 करोड़ की लागत से ड्रोन आधारित प्रॉपर्टी सर्वे कराएगा।
इससे
✔ फर्जी संपत्तियां पकड़ी जाएंगी
✔ टैक्स चोरी रुकेगी
✔ नगर निगम की आय बढ़ेगी
🚦 सड़क, जंक्शन और विज्ञापन पर नियंत्रण
शहर के 18 प्रमुख चौराहों को ₹10 करोड़ से अपग्रेड किया जाएगा।
वहीं 6 सड़कों को No-Flex Zone घोषित कर दिया गया है ताकि अवैध पोस्टर और होर्डिंग से ट्रैफिक बाधित न हो।
🌱 स्वच्छता और हरियाली पर भी फोकस
MIC ने कचरा प्रबंधन, हरियाली और साफ-सफाई को मजबूत करने के लिए भी योजनाओं को मंजूरी दी।
Raipur Water Board का गठन सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि
रायपुर के हर परिवार के लिए सुरक्षित पानी, बेहतर सफाई और आधुनिक शहरी जीवन की गारंटी है।
इंदौर की त्रासदी से सबक लेते हुए रायपुर अब जल सुरक्षा और पारदर्शी प्रशासन की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
