दिल्ली विधानसभा में AAP-BJP टकराव, हंगामे के बीच जनता के मुद्दे हाशिए पर

AAP BJP protest in Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा एक बार फिर AAP-BJP टकराव का अखाड़ा बनी हुई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। दोनों दलों के विधायकों द्वारा की जा रही नारेबाजी और विरोध के चलते विधानसभा की कार्यवाही बार-बार ठप हो रही है।

इस राजनीतिक खींचतान ने न केवल सदन की कार्यवाही को बाधित किया है, बल्कि राजधानी से जुड़े गंभीर नागरिक मुद्दों को भी पीछे धकेल दिया है।


हंगामे में दब गए आम लोगों के सवाल

जब विधानसभा में हंगामा चल रहा है, तब दिल्ली के कई इलाकों में लोग सुरक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
शहर में अपराध और हत्याओं में वृद्धि, भीषण ठंड के कारण 50 से अधिक लोगों की मौत, बदहाल नाइट शेल्टर, और झुग्गियों को तोड़े जाने के बाद खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर परिवार—ये सभी मुद्दे सरकार के तत्काल ध्यान की मांग कर रहे हैं।


जनता की चिंता, राजनीति हावी

सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनों का कहना है कि राजनीतिक प्रदर्शनबाज़ी ने जनता के असली दर्द को ढक दिया है। गरीब, बुज़ुर्ग और बेघर लोग ठंड और असुरक्षा से जूझ रहे हैं, जबकि विधानसभा में सत्ता और विपक्ष आमने-सामने खड़े हैं।


दिल्ली विधानसभा में गहराता ध्रुवीकरण

AAP-BJP टकराव अब इतना बढ़ गया है कि शासन से अधिक टकराव की राजनीति दिखाई दे रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में उलझे हुए हैं, जिससे नीतिगत फैसले और जनहित के मुद्दे लगातार टलते जा रहे हैं।


नागरिकों की मांग: शासन पर लौटे फोकस

दिल्ली के नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं कि विधानसभा में बहस का केंद्र कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य, आवास और गरीबों की सुरक्षा हो। उनका कहना है कि सत्ता की लड़ाई से ज़्यादा ज़रूरी है कि सरकार शहर के कमजोर तबकों की पीड़ा को समझे।


लोकतंत्र की असली परीक्षा

दिल्ली विधानसभा में चल रहा यह AAP-BJP टकराव लोकतंत्र की एक कठिन परीक्षा बन गया है। जनता उम्मीद कर रही है कि जल्द ही राजनीतिक दल हंगामे से बाहर निकलकर शासन और जनसेवा पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

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