Minneapolis ICE shooting: अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हुई एक दर्दनाक गोलीबारी की घटना पर भारत ने गंभीर चिंता जताई है। एक फेडरल इमिग्रेशन एजेंट द्वारा की गई फायरिंग में 37 वर्षीय महिला रेनी निकोल गुड की मौत हो गई। इस घटना को लेकर भारत सरकार ने अमेरिकी घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने की बात कही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भारत इस मामले को गंभीरता से देख रहा है, क्योंकि अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर सरकार चिंतित
MEA प्रवक्ता ने कहा,
“हम इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है, जिसमें छात्र, पेशेवर और अन्य लोग शामिल हैं। इसलिए इस तरह की घटनाएं हमें चिंतित करती हैं।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में आव्रजन और कानून व्यवस्था को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है।
कैसे हुई महिला की मौत?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, 8 जनवरी (स्थानीय समय) को मिनियापोलिस में ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) एजेंट और कुछ प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। इसी दौरान रेनी निकोल गुड नामक महिला को गोली लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
फेडरल एजेंसियों का दावा है कि महिला ने कथित तौर पर अपनी कार से अधिकारियों को कुचलने की कोशिश की थी, जिसके बाद एजेंट ने आत्मरक्षा में गोली चलाई।
ट्रंप ने एजेंट का किया बचाव
इस घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद अमेरिका में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फुटेज को “देखना बेहद भयानक” बताया, लेकिन साथ ही उन्होंने फायरिंग करने वाले एजेंट का बचाव भी किया।
ट्रंप ने कहा कि यह गोलीबारी आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई थी और एजेंट ने अपनी जान बचाने के लिए यह कदम उठाया।
भारत क्यों है चिंतित?
भारत की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि अमेरिका में लाखों भारतीय छात्र, आईटी पेशेवर और कारोबारी रहते हैं। इस तरह की घटनाएं वहां रहने वाले विदेशी समुदायों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं।
भारत सरकार इस मामले में अमेरिकी प्रशासन से संपर्क में रहने की तैयारी कर रही है ताकि स्थिति की सही जानकारी मिल सके।
