रायपुर, 09 जनवरी 2026/
Mine accident Korba: छत्तीसगढ़ के कोयला क्षेत्र कोरबा में बुधवार को एक दर्दनाक और चौंकाने वाला हादसा सामने आया। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की डिपका ओपनकास्ट कोयला खदान में हुई भारी ब्लास्टिंग के दौरान उड़कर आए पत्थर की चपेट में आकर 60 वर्षीय किसान लखन लाल पटेल की मौके पर ही मौत हो गई।
यह घटना हरदीबाजार क्षेत्र के रेकी गांव के पास हुई, जहां किसान लखन लाल पटेल सड़क से गुजर रहे थे। अचानक हुए विस्फोट में एक बड़ा पत्थर तेज रफ्तार से उड़कर उनके सिर पर आ लगा। गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
🚨 हादसे के बाद उग्र हुआ जनआक्रोश
किसान की मौत की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के लोग आक्रोशित हो उठे। ग्रामीणों ने मृतक का शव खदान क्षेत्र में लाकर सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया।
⚖️ एफआईआर दर्ज, खनन कर्मियों पर गंभीर धाराएं
कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति शांत कराई गई।
उन्होंने कहा कि—
“ब्लास्टिंग करने वाले खनन कर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (Culpable Homicide) सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।”
👨👦 बेटे ने बयां किया दर्द
मृतक के बेटे अनिल कुमार पटेल ने बताया कि उनके पिता एक रिश्तेदार के यहां से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
उन्होंने कहा—
“कई बार कंपनी को चेताया गया था कि आबादी के पास ब्लास्टिंग खतरनाक है, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।”
🏗️ SECL का पक्ष और जांच के आदेश
SECL प्रबंधन ने दावा किया कि ब्लास्टिंग के दौरान मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।
हालांकि, खान सुरक्षा महानिदेशक (DGMS) ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
🏘️ वर्षों पुरानी समस्याएं फिर उठीं
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
- घरों में दरारें पड़ना
- बोरवेल सूख जाना
- पत्थरों और मलबे का गिरना
इन सबको वर्षों से कोयला खनन का “कोलेटरल डैमेज” कहकर नजरअंदाज किया जाता रहा है।
