सागर।
Blackbuck Poaching Case Sagar को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सागर जिले के राहतगढ़ जंगल में सामने आए इस हाई-प्रोफाइल काले हिरण शिकार कांड का पूरा सच अब तक सामने नहीं आ सका है। इस मामले ने न केवल वन विभाग बल्कि जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
काले हिरण को बिश्नोई समाज अपना आराध्य मानता है। समाज में हिरणों की पूजा की जाती है और मान्यता है कि महिलाएं उन्हें मातृत्व भाव से दूध तक पिलाती हैं। ऐसे में इस शिकार की घटना ने पूरे समाज को आहत किया है।
🦌 तीन आरोपी जेल में, लेकिन रैकेट अधूरा
राहतगढ़ जंगल में हुए इस शिकार मामले में डॉ. वसीम खान सहित तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच वन विभाग और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम को सौंपी गई।
प्रारंभिक जांच में इस शिकार को संगठित सिंडिकेट से जोड़कर देखा गया। इसी आधार पर अदालत ने आरोपियों को फॉरेस्ट रिमांड पर भी भेजा। हालांकि, रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद भी जांच एजेंसियों को कोई बड़ी सफलता नहीं मिल सकी।
सागर की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। फिलहाल सभी आरोपी सागर जेल में बंद हैं।
⛽ 800 रुपये के पेट्रोल से खुली नई कड़ी
मामले की जांच कर रहे ट्रेनी IFS अधिकारी जयप्रकाश के अनुसार, जांच में एक चौथे आरोपी की भूमिका के पुख्ता संकेत मिले हैं।
जांच में सामने आया है कि घटना की रात करीब 8 बजे चार लोग एक बोलेरो वाहन से राहतगढ़ के पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने लगभग 800 रुपये का ईंधन भरवाया।
यह पूरी गतिविधि सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। फुटेज में एक ऐसा व्यक्ति भी नजर आया है, जो अब तक गिरफ्तार आरोपियों में शामिल नहीं है। माना जा रहा है कि मुख्य आरोपी डॉ. वसीम खान उसी के इशारे पर राहतगढ़ जंगल तक पहुंचा था।
🏨 फाइव स्टार होटल और विदेशी कनेक्शन की आशंका
सूत्रों के मुताबिक, यह संदिग्ध राहतगढ़ क्षेत्र का ही निवासी है और पहले भी इंदौर में पकड़े गए काले हिरण शिकार मामलों से जुड़े लोगों को यहां लाता रहा है।
इंदौर और सागर के मामलों के बीच समानताएं मिलने से यह आशंका और गहरी हो गई है कि यह नेटवर्क अंतर-जिला और अंतर-राज्यीय हो सकता है।
इतना ही नहीं, जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में किसी नामी फाइव स्टार होटल और विदेशी कनेक्शन का भी खुलासा हो सकता है। हालांकि, अधिकारी फिलहाल आधिकारिक पुष्टि से बच रहे हैं।
❓ बड़ा सवाल अब भी कायम
Blackbuck Poaching Case Sagar में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि—
क्या इस संगठित शिकार रैकेट से जुड़े सभी गुनहगार सामने आ पाएंगे?
और क्या काले हिरण जैसे संरक्षित वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था और सख्त होगी?
जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलते, तब तक राहतगढ़ का यह मामला वन्यजीव संरक्षण पर एक कड़ा प्रश्नचिह्न बना रहेगा।
