धौराभाठा में प्रस्तावित चूना पत्थर खदान का ग्रामीणों ने किया विरोध, बढ़ते प्रदूषण पर चिंता

बलौदा बाजार।
Limestone Mining Protest Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के धौराभाठा गांव में प्रस्तावित चूना पत्थर खदान को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव पहले से ही खनन गतिविधियों की मार झेल रहा है और अब नए उत्खनन से जीवन, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।


🌫️ “सांस लेना भी मुश्किल हो गया है” – ग्रामीणों की पीड़ा

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पहले से चल रही खदानों के कारण धूल और प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।
धूल के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं।
खेती पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है, जिससे ग्रामीणों की आजीविका खतरे में है।


🏗️ खनिज विभाग की स्वीकृति से बढ़ी चिंता

जानकारी के अनुसार खनिज विभाग ने पत्र जारी कर
धौराभाठा गांव के खसरा नंबर 12/1 में लगभग 37 एकड़ भूमि,
और इसके अतिरिक्त 20 एकड़ क्षेत्र में चूना पत्थर उत्खनन की स्वीकृति दी है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर लिया गया है।


⚠️ पहले से मौजूद खदानों का असर

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पहले से
रियल स्टेट एंड पावर लिमिटेड और
शर्मा गिट्टी खदान
के कारण भारी प्रदूषण फैल चुका है।

इन खदानों की वजह से—

  • भू-जल स्तर लगातार गिर रहा है
  • कंपन और भारी वाहनों से गांव में दरारें तक पड़ रही हैं
  • बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है

💧 जल संकट और भविष्य की चिंता

ग्रामीणों को आशंका है कि यदि नया खनन शुरू हुआ, तो
पानी की समस्या और गंभीर हो जाएगी
उनका कहना है कि यह फैसला केवल आज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए भी खतरनाक साबित होगा।


🏛️ प्रशासन से की स्पष्ट मांग

Limestone Mining Protest Chhattisgarh के तहत ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि—

  • धौराभाठा गांव में किसी भी नए उत्खनन की अनुमति न दी जाए
  • प्रस्तावित चूना पत्थर खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए
  • गांव के पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा की जाए

धौराभाठा गांव का यह विरोध सिर्फ एक खदान के खिलाफ नहीं है,
बल्कि यह स्वास्थ्य, पानी, खेती और पर्यावरण की रक्षा की आवाज है।
अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की चिंता को कितनी गंभीरता से लेता है और इस प्रस्ताव पर क्या निर्णय लिया जाता है।

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