Delhi Encroachment Drive Violence: तुर्कमान गेट में अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा, 5 पुलिसकर्मी घायल

नई दिल्ली।
Delhi Encroachment Drive Violence: दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित रामलीला मैदान के पास बुधवार तड़के उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब मस्जिद और कब्रिस्तान से सटे इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हिंसा भड़क उठी।
इस घटना में कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।


🚨 कैसे भड़की हिंसा?

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम दिल्ली (MCD) के करीब 300 अधिकारी और कर्मचारी इलाके में अवैध निर्माण हटाने पहुंचे थे।
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी निधिन वल्सन ने बताया,

“करीब 25–30 लोगों ने पुलिस टीम पर पत्थर फेंके, जिसमें पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं। स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।”


🏗️ क्या-क्या गिराया गया?

इस Delhi Encroachment Drive Violence के दौरान—

  • एक बैंक्वेट हॉल
  • एक डिस्पेंसरी (निजी जांच केंद्र)
    को ध्वस्त किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई रात के समय इसलिए की गई ताकि आम लोगों को न्यूनतम परेशानी हो।


👮‍♂️ पुलिस कार्रवाई और जांच

पुलिस ने बताया कि—

  • 5 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है
  • 100 से अधिक वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है
  • घायल पुलिसकर्मियों और MCD कर्मचारियों के बयान पर मामला दर्ज किया गया है

⚖️ हाईकोर्ट का आदेश और कानूनी पृष्ठभूमि

दिल्ली हाईकोर्ट ने नवंबर 2025 में MCD और PWD को
तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान में 38,940 वर्गफुट अतिक्रमण हटाने के लिए तीन महीने का समय दिया था।

दिसंबर में MCD ने स्पष्ट किया कि—

  • 0.195 एकड़ भूमि मस्जिद के लिए लीज पर है
  • इसके बाहर बने सभी ढांचे अवैध हैं
  • मस्जिद प्रबंधन या दिल्ली वक्फ बोर्ड ने अतिरिक्त भूमि पर कोई वैध दस्तावेज नहीं दिया

🕌 मस्जिद समिति की याचिका पर हाईकोर्ट की सुनवाई

मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने
मस्जिद सैयद फैज़ इलाही की प्रबंधन समिति की याचिका पर
MCD, DDA, PWD, शहरी विकास मंत्रालय और दिल्ली वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी किया।

न्यायमूर्ति अमित बंसल ने कहा कि मामला विचार योग्य है और
अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।

समिति का कहना है कि—

  • जमीन वक्फ संपत्ति है
  • वे अवैध निर्माण हटाने के विरोध में नहीं हैं
  • उनकी आपत्ति केवल कब्रिस्तान क्षेत्र को लेकर है

Delhi Encroachment Drive Violence ने एक बार फिर दिखाया कि
अतिक्रमण हटाने जैसी संवेदनशील कार्रवाइयों में कानून, प्रशासन और संवाद—तीनों की भूमिका बेहद अहम है।
फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन कानूनी लड़ाई और प्रशासनिक कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।

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